आकलन वर्ष 2020-21 (वित्त वर्ष 2019-20) का आयकर रिटर्न (Income Tax Return) भरने के लिए बस 5 दिनों का समय बचा है। आखिरी समय में आटीआर फाइल करने कि दिक्कतों से बचने के लिए बेहतर है कि आप आईटीआर पहले फाइल कर दें। गौरतलब है कि 10 जनवरी 2021 तक रिटर्न फाइल करने पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा लेकिन लेट करने पर जुर्माना भरना पड़ेगा। आमतौर पर आईटीआर फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई होती है लेकिन इस बार कोरोना के कारण समयसीमा 10 जनवरी 2021 तक बढ़ाई गई है। अब आईटीआर फाइल करने के लिए 5 दिन का समय बचा है, ऐसे में इन आईटीआर फाइल करने से पहले ये जरूरी पेपर्स इकट्ठा करना न भूलें।
फॉर्म 16
सभी वेतनभोगी कर्मचारियों को फॉर्म 16 आईटीआर दाखिल करने के लिए चाहिए होता है। यह आपको अपनी कंपनी से मिलता है। ये आईटीआर फाइल करने के लिए सबसे जरूरी दस्तावेज है। यह टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) काटने का प्रमाण भी है। यह कर्मचारी को दिए वेतन और कटौती की जानकारी देता है।
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दो पार्ट में बंटा होता फॉर्म-16
फॉर्म 16 के दो भागों में बंटा होता है। पार्ट ए और पार्ट बी, पहले पार्ट में वित्तीय वर्ष में नियोक्ता द्वारा काटे गए आयकर शामिल होते हैं। फॉर्म 16 के भाग बी में कर्मचारी के सकल वेतन के ब्रेकअप की जानकारी शामिल होती है।
फॉर्म 26AS
आयकर विभाग एक वार्षिक विवरण तैयार करता है जिसे ‘फॉर्म 26AS’ के रूप में जाना जाता है। पैन का उपयोग करके, सभी करदाता इसे आयकर वेबसाइट से आसानी से ले सकते हैं। करदाता अपने फॉर्म 26AS का उल्लेख कर सकते हैं और आईटीआर दाखिल करते समय केंद्र सरकार के खजाने को दिए गए करों की राशि के लिए अपने फॉर्म 16 के साथ इसे जमा कर सकते हैं।
कर-बचत का विवरण देना होगा
कोरोना संकट के चलते आयकर विभाग ने करदाताओं को 31 मार्च के बजाय अब 31 जुलाई तक के निवेश पर धारा 80 सी सहित अन्य कटौती का दावा करने की अनुमति दी है। इस तरह के लाभ का दावा करने के लिए, आपको एक नए शेड्यूल के तहत आईटीआर फॉर्म में विवरण देना होगा। अगर आप इस वित्त वर्ष के बजाय अगले वित्त वर्ष मंक इसका लाभ उठाना चाहते हैं तो इस कॉलम को खाली छोड़ सकते हैं।
पैन के स्थान पर आधार का विकल्प
इस बार एक और बदलाव किया गया है। इसके तहत पैन और आधार को लगभग एक समान माना गया है। यानी किसी अचल संपत्ति के खरीदार, हाउस प्रापर्टी से होने वाली आय जैसे मामलों में जिन लोगों के पास पैन कार्ड नहीं है, वे पैन नंबर के स्थान पर अब आधार नंबर को भी आईटीआर में भर सकते हैं। पहले दोनों मामलों में केवल पैन कार्ड का नंबर ही दर्ज किया जा सकता था।
टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट
जो व्यक्ति पिछले वित्तीय वर्ष में निर्धारित अवधि के दौरान अपने कर-बचत निवेश को अपने नियोक्ताओं को प्रस्तुत नहीं कर सके, उन्हें अब कर कटौती का दावा करने के लिए सीधे आयकर विभाग को इसका प्रमाण प्रस्तुत करना होगा।इनमें जीवन बीमा प्रीमियम का भुगतान, चिकित्सा बीमा की रसीद, पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) पासबुक, 5 साल की एफडी रसीदें, म्यूचुअल फंड निवेश (ईएलएसएस), चुकाए गए होम लोन काप्रमाणपत्र / स्टेटमेंट, डोनेशन पेड रसीद, ट्यूशन शामिल हैं। शुल्क का भुगतान रसीद, आदि शामिल है







