दूरसंचार संरचना या टावर कंपनियों को मौजूदा माल एवं सेवा कर (जीएसटी) नियमों की वजह से 625 करोड़ रुपये का और नुकसान होने का अनुमान है। टावर एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (ताइपा) ने शुक्रवार को कहा कि इस क्षेत्र की कंपनियों को मौजूदा जीएसटी व्यवस्था में इनपुट कर क्रेडिट (आईटीसी) नहीं मिलता है। 

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दूरसंचार विभाग को लिखे पत्र में ताइपा ने अनुमान साझा करते हुए कहा है कि उद्योग को प्रति टावर 1.25 लाख से 1.5 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। ताइपा ने कहा, ”पिछले चार-पांच साल के दौरान उद्योग को आईटीसी के रूप में 2,500 करोड़ रुपये का नुकसान पहले ही हो चुका है। आगे चलकर 5जी की वजह से दूरसंचार टावरों की मांग बढ़कर 50,000 टावर पर पहुंच जाएगी। इससे उद्योग को 625 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान होगा।”

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ताइपा ने कहा कि नवंबर, 2016 में दूरसंचार टावरों के लिए इनपुट कर क्रेडिट का प्रावधान था। बाद में दूरसंचार टावरों को 2017 में ‘संयंत्र एवं मशीनरी’ की परिभाषा से हटा दिया गया। इससे दूरसंचार संरचना कंपनियां के लिए दूरसंचार टावरों पर किए गए जीएसटी भुगतान पर आईटीसी के लाभ की सुविधा समाप्त हो गई।



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