पीएम नरेंद्र मोदी रविवार को असम और बंगाल के दौरे पर जा रहे हैं। दोनों ही राज्यों में कभी भी विधानसभा चुनावों की घोषणा हो सकती है। पिछले 16 दिनों में पीएम मोदी दूसरी बार असम और बंगाल जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस से सत्ता छीनने को पूरा जोर लगा रही है और माना जा रहा है कि पीएम के इस दौरे से बीजेपी के मिशन को और धार मिलेगी। पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार शाम एक के बाद एक कई ट्वीट करके अपने दौरे को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने अंग्रेजी के अलावा बांग्ला में भी ट्वीट करके बताया है कि वह राज्य और राष्ट्र को कौन से सौगात देने जा रहे हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ”कल शाम मैं हल्दिया, पश्चिम बंगाल में रहूंगा। वहां बीपीसीएल की ओर से निर्मित एलपीजी इंपोर्ट टर्मिनल को राष्ट्र को समर्पित करूंगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री उर्जा गंगा प्रॉजेक्ट के तहत दोभी-दुर्गापुर नेचुरल गैस पाइपलाइन सेक्शन को भी राष्ट्र को समर्पित करूंगा।” एक अन्य ट्वीट में पीएम मोदी ने बताया कि हल्दिया रिफाइनरी के दूसरे कैटेलिटिक-इसोडेवेक्सिंग यूनिट की नींव भी रखेंगे। इसके अलावा एनएच 41 पर रानीचक, दल्दिया रेल ओवर ब्रिज सह फ्लाइओवर का उद्घान भी किया जाएगा। 

असम के लिए क्या हैं तोहफे
पीएम मोदी ने असम के कार्यक्रम का ब्योरा देते हुए ट्वीट किया, ”कल मैं असम के लोगों के बीच रहूंगा। सोनितपुर जिले के धेकियाजुली में ‘असोम माला’ कार्यक्रम को लॉन्च किया जाएगा, जो राज्य के सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा। इस पहल से असम की आर्थिक प्रगति में योगदान मिलेगा और कनेक्टिविटी में सुधार होगा।” 

एक अन्य ट्वीट में पीएम ने बताया, ”बिश्वनाथ और छाराइदो में मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल की नींव रखी जाएगी। यह असमें हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा। पिछले कुछ सालों में असम ने हेल्थकेयर में तेजी से विकास किया है। इससे ना केवल असम को बल्कि पूरे नॉर्थ ईस्ट को फायदा हुआ है।”

16 दिन में दूसरा दौरा
पीएम नरेंद्र मोदी पिछले 16 दिन में दूसरी बार बंगाल और असम जा रहे हैं। 23 जनवरी को पीएम नरेंद्र मोदी पहले असम गए थे और शिवसागर में जेरंगा पाथर में उन्होंने भूमि पट्‌टा/आवंटन की शुरुआत की थी। इसके बाद वह कोलकाता पहुंचे और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान ममता बनर्जी ने भी पीएम के साथ मंच साझा किया था। हालांकि, जब उनके बोलने की बारी आई तो कुछ लोगों की ओर से जय श्री राम का नारा लगाए जाने के बाद ममता बनर्जी ने भाषण देने से इनकार कर दिया था और पीएम के सामने ही आपत्ति जताई थी।

 





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