तेजस्वी, तेज समेत 21 के खिलाफ गैरजमानतीय धारा में हत्या के प्रयास का गंभीर मामला दर्ज
बता दें कि बीते दिनों बेरोजगारी, महंगाई व भ्रष्टाचार के खिलाफ 23 मार्च को राजद की ओर से किये प्रदर्शन, हंगामा व पथराव मामले में तेजस्वी, तेज समेत 21 के खिलाफ गैरजमानतीय धारा में हत्या के प्रयास का गंभीर मामला भी शामिल किया गया है। सरकारी कार्य में बाधा डालने, तोड़फोड़, मारपीट करने व जानलेवा हमला करने के मामले में डाकबंगला पर तैनात दानापुर की दंडाधिकारी प्रतिमा गुप्ता के बयान पर कोतवाली में जो एफआईआर दर्ज कराई गई है, उनमें हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं भी शामिल हैं। एफआईआर में तेजस्वी समेत 22 नामजद व अन्य आरोपित बनाये गये हैं। इनमें कई वर्तमान और निर्वतमान विधायक भी शामिल हैं।
बन्द समर्थकों ने सुबह 4 बजे से ही जाम किया
आज सुबह से ही बन्द समर्थकों ने जहानाबाद शहर में प्रवेश करने वाले सभी सड़कों को सुबह 4 बजे से ही जाम कर दिया। सुबह 4 बजे से पहले ही राजद के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए थे। घोसी, मखदुमपुर, बिहार शरीफ, राजगीर, गया, पटना, अरवल सभी सड़क कर दिया गया है जाम। नीतीश कुमार के खिलाफ जमकर राजद कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी।
राजद के बिहार बन्द के आह्वान पर कार्यकर्ता सड़क पर
राजद के बिहार बन्द के आह्वान पर कार्यकर्ता सड़क पर, राजद प्रदेश महासचिव सह महुआ विधायक डॉ मुकेश रौशन के नेतृत्व में गांधी सेतु, रामाशीष चौक, स्टेशन चौक सहित कई स्थानों पर जाम लगाया, गांधी सेतु को जाम किया गया, हाईवे जाम, अलग अलग जगहों पर आगजनी कर कार्यकर्ता कर रहे नारेबाजी, हाथ में चोट के साथ जाम करने पहुंचे महुआ विधायक, नीतीश कुमार के खिलाफ जमकर राजद कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी।
दोषी अधिकारियों को संरक्षण देने के रवैये से अफसरशाही बढ़ी: तेजस्वी
तेजस्वी ने विधानसभा में घटी घटना को लेकर 10, सर्कुलर रोड में मीडिया से बातचीत में पूछा कि क्या सदन में नारेबाजी, विरोध-प्रदर्शन या आसन तक जाने की घटनाएं पहली बार हुई हैं। वर्ष 1974 में अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठ विपक्ष के समाजवादी सदस्यों ने सदन चलाया था। वर्ष 1986 में नेता प्रतिपक्ष जननायक कर्पूरीजी की अगुवाई में तीन दिन तक सदन में धरना-प्रदर्शन चला था। तब नीतीशजी भी सदन के सदस्य थे। लेकिन, विधानसभा और वेल में पुलिस का ऐसा तांडव पहली बार हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि दोषी अधिकारियों को संरक्षण देने के रवैये से अफसरशाही बढ़ी है। तेजस्वी ने कहा कि हमारे पास 200 से अधिक पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारियों की फ़ुटेज है। हमने सभी को चिह्नित किया है। यह भी आरोप लगाया कि बिहार पुलिस अब जदयू पुलिस बन गई है। लेकिन वह समझ ले कि हम भाजपा के लोग नहीं जो पुलिस अत्याचार को चुपचाप सह लेंगे। उन्होंने आज यानी शु्क्रवार 26 मार्च को बिहार बंद का आह्वान किया।
भाकपा-माले ने राज्य की जनता से की बिहार बंद को ऐतिहासिक बनाने की अपील
भाकपा-माले ने विधानसभा में विधायकों से कथित दुर्व्यवहार के खिलाफ 26 मार्च को महागठबंधन के बिहार बंद को ऐतिहासिक बनाने की अपील राज्य की जनता से की है। पार्टी पोलित ब्यूरो के सदस्य धीरेन्द्र झा, वरिष्ठ माले नेता केडी यादव व विधायक सत्यदेव राम ने संयुक्त प्रेस बयान जारी कर कहा कि पहले से ही तीनों कृषि कानून, निजीकरण व चार श्रम कोडों के खिलाफ भारत बंद का आह्वान किया गया है। माले उसका समर्थन कर रही है। अब लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की भाजपा-जदयू की कोशिशों के खिलाफ बिहार बंद होगा। पार्टी प्रवक्ता कुमार परवेज ने बताया कि बंद के दिन पटना में 12 बजे जीपीओ गोलबंर से मार्च निकलेगा। सभी जिला कमिटियां बंद को सफल बनाने में लग गई हैं।
सीपीएम ने की बंद को सफल बनाने की अपील
केन्द्रीय कृषि कानून व बिहार सशस्त्र पुलिस कानून 2021 के विरोध में आज यानी 26 मार्च को बिहार बन्द को सफल बनाने की अपील सीपीएम ने की है। पार्टी के राज्य सचिव अवधेश कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार ने खेती और किसानों को बर्बाद करने पर तुली है। बिहार की भाजपा-जद(यू) सरकार ने अपने स्वाभिमान और राज्य की जनता के हितों का त्याग कर दिया है। कहा है कि आंदोलनकारी किसान संगठनों ने संयुक्त रूप से 26 मार्च को भारत बंद का आह्वान किया है। पार्टी किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए अपनी जिला कमिटियों और जनसंगठनों तथा बिहार की मेहनतकश जनता से भारत बंद को सफल बनाने की अपील की है।







