Satyapal Malik takes PM Modi & His cabinate on pulwama terrorist attack in 2019
Satyapal Malik takes PM Modi & His cabinate on pulwama terrorist attack in 2019

Ex Governor Malik# PM Modi# Modi Govt.# Jammu-Kashmir# Meghalaya& Gos Governor# Pulwama terrorist attack# Anil Ambani & Ram Madhav News#

सत्यपाल मलिक पर शिकंजा कसना क्यों शुरू किया

एक ताजा खबर जिसने चर्चा का रूप ले लिया है कि आखिरकार सीबीआई ने सत्यपाल मलिक के करीबियों पर शिकंजा कसना क्यों शुरू कर दिया है। उसका साफ मतलब निकलता है कि पूर्व राज्यपाल ने अगर अपनी जुबां बंद नहीं रखी तो हालात ओर भी ज्यादा बदतर हो सकते हैंं एक तरीके से मलिक को धमकाया गया है कि वो सुधर जायें वर्ना ईडी और सीबीआई उनके घर तक पहुच जायेगी। अकलमंद को इशारा काफी। अब यह बात और है कि सत्यपाल मलिक इशारा समझ कर चुप होते हैं या मोदी के खिलाफ इसी तरह ज​हर उगलते रहेंगे। सीबीआई के छापों को लेकर श्री मलिक ने कहा कि यह इतिहास में पहली बार हो रहा है कि घोटाले की शिकायत करने वालों के खिलाफ ही सरकारी एजेंसियां बेजा दबाव बनाने का काम कर रही हैं। इन छापों से मैं घबराने वाला नहीं हूं। इसी तरह आगे भी मोदी सरकार की कलई खोलता रहूंगा। सवाल यह भी उठता है कि पूर्व राज्यपाल ने तब क्यों नहीं मोदी सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की जब वो राज्यपाल थे। आज जब वो राज्यपाल नहीं रहे तो उन्हें बीजेपी और मोदी सरकार में इतनी खामियां नजर आ रही हैं।

Former Governor Satyapal Malik want to be govt. representative to solve Farmers protest issues in 2020
Former Governor Satyapal Malik want to be govt. representative to solve Farmers protest issues in 2020

आखिर पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक क्यों मोदी सरकार से हैं नाखुश

दोबारा मोदी सरकार बनने के बाद मोदी सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा में जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का बिल बहुमत पास करा लिया। इस तरह देश में जम्मू कश्मीर से उसका विशेष दर्जा छीन लिया गया। ऐसे में यह आशंका जतायी जा रही थी कि घाटी में खून खराबा न हो जाये इसलिये सत्यपाल मलिक को जम्मू कश्मीर का गवर्नर बना कर भेज दिया गया। इसके पीछे कारण यह था कि श्री मलिक ने चौधरी चरण सिंह के साथ भी काम किया था और वो बहुत ही  सुलझे और समझदार आदमी थे जो शासन भी कर सकते थे और लोगों के लिये विकास भी। मलिक मोदी सरकार की कसौटी पर पूरी तरह खरे उतरे। लेकिन मामला तब बिगड़ा जब आरएसएस का एक बड़ा नेता राम माधव अनिल अंबानी की इन्श्योरेंस कंपनी का प्रस्ताव लेकर मलिक के पास गये। मलिक के ​सचिवों ने उन्हें बताया कि यह प्रस्ताव ठीक नहीं है। इसे पास करना ठीक न होगा। मलिक ने राम माधव को इस प्रस्ताव को पास करने से मना कर दिया। मलिक के अनुसार राम माधव ने उन्हें इसके बदले दो प्रोजेक्ट्स के एवज में 300 करोड़ की रिश्वत देने को कहा। लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने इस बात की पूरी जानकारी पीएम मोदी को भी दी। मोदी ने भी उन्हें कहा कि आप ने ठीक काम किया है। आप काम करते रहिये। इसके बाद अचानक मलिक को गोवा का राज्यपाल बना कर भेज दिया गया। वहां भी मलिक ने बीजेपी नेताओं की कलई खोलते हुए अपना विरोध जताया। अपनी बात उन्होंने दिल्ली दरबार तक पहुंचा दी। लेकिन दागी नेताओं पर तो कोई ऐक्शन नहीं लिया गया उल्टा उनको गोवा से हटा कर मेघालय का गवर्नर बना दिया गया।

मलिक अब मीडिया में खुलकर मोदी और सरकार को घेर रहे हैं

जब से मोदी सरकार ने पूर्व राज्यपाल मलिक को हटाया है उनकी सुरक्षा को वापस लिया है तब से ​ही वो मीडिया में जमकर मोदी और एनडीए सरकार को निशाने पर लिये हुए हैं। उन्होने वरिष्ठ पत्रकार करण थापर को दिये इंटरव्यू में बताया कि पुलवामा आतंकवादी हमला एक सुनियोजित योजना थी जिसे बीजेपी और मोदी सरकार ने 2019 का आम चुनाव जीतने के लिये करवाया था। इस हमले में सेना के 40 जवान शहीद हुए थे। इस हमले को रोका जा सकता था लेकिन मोदी सरकार ने इसे रोकने के बजाये 40 जवानों को शहीद होने दिया। गृहमंत्रालय से  जवानों को शिफ्ट करने के लिये सेना ने पांच एयर क्राफ्ट की मांग की थी लेकिन मंत्रालय देने से इनकार कर दिया। मलिक का कहना था कि अगर मुझे यह बात पहले पता चलती तो मैं जवानों के लिये एयर क्राफ्ट मुहैया करा ​देता। उन्होंने यह भी कह दिया कि जो मोदी भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग छेड़ने की बात करते हैं उन्हें भ्रष्टाचार से कोई परेशानी नहीं है। वो अपने हिसाब से भष्टाचार को भी हजम कर लेते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here