Ex CM Uma Bharti & Ex Loksabha Speaker Sumitra Mahajan is also taking Central bjp leadership who is over look of Sr. BJP leaders. Its very unfortunate for Party.
Ex CM Uma Bharti & Ex Loksabha Speaker Sumitra Mahajan is also taking Central bjp leadership who is over look of Sr. BJP leaders. Its very unfortunate for Party.

#MP Politics# MP Govt.# CM Shivraj Singh# Cabinate min. Jyotiraditya Sindhia# Narendra Singh Tomar# Faggan Kulaste, Prahlad Patel# Kailash Vjayvargiy# RSS# Anti incumbency#

देश की राजनीति में काफी उथल पुथल देखने को मिल रही है खासतौर से बीजेपी में। देश में पांच प्रदेशों में चुनावों की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। हर राजनीतिक दल कमर कस कर जीत के दावे कर रहा है। वहीं बीजेपी भी नये नये प्रयोग कर रही है। मध्यप्रदेश में उसने नया प्रयोग किया है। तीन मत्रियों समेत साथ सांसदों को विधानसभा में चुनाव लड़ने को कहा गया है। इतना ही नहीं वहां के सीएम शिवराज सिंह चौहान को अभी तक टिकट नहीं दिया गया है ज​बकि तीन लिस्ट जारी की जा चुकी हैं।

cm chauhan
Political strom in BJP MP. Central Leaders are handling assembly election process. Local leadership scraped.

इससे साफ जाहिर आ रहा है ाकि केन्द्रीय नेतृत्व लोकल लीडरशिप को नीचा दिखाने से बाज नहीं आ रहा है। राज्य भाजपा को बिल्कुल ही नकारा साबित कर दिया गया है। यहां तक कि टिकट वितरण भी केन्द्रीय नेतृत्व ने अपने हाथ में लिया है। ऐसे हालात में यह कहा जाता है कि केन्द्र अपने पसंद का मुख्यमंत्री बनाना चाहता है। उनकी मंशा है कि पुराने दिग्गज नेताओंं को ठिकाने लगाना है। इस क्रम में शिवराज सिंह, नरोत्तम मिश्रा, कैलाश विजय वर्गीय, नरेंद्र सिंह तोमर,फग्गन कुलस्ते, राकेश सिंह, रीति पाठक, ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व सीएम उमा भारती पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा समेत अनेक नेताओं को किनारे लगा दिया गया है। वहीं मोदी सरकार की नीतियों से जनता और आरएसएस भी खासी नाराज है। इस चुनाव में डबल इंजन की सरकार को डबल इंकंमबेंसी दिखाई दे रही है।
पूर्व सीएम उमा भारती और सुमित्रा महाजन नाराज
गुजरात लॉबी ने जब से पार्टी की कमान हाथ में ली है तब से पुराने और वरिष्ठ नेताओं को मुख्यधारा से काट दिया गया है। इस बात से पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती काफी आहत हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि जब से ज्योतिरादित्य सिंधिया की भाजपा में एन्ट्री हुई है तब से केन्द्रीय नेतृत्व ने वरिष्ठ नेताओं को अनदेखा करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा स्थानीय भाजपाई नेता भी पार्टी के कार्यकलापों से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि जब से ज्योतिरादित्य कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए हैं। तब से पुराने भाजपाइयों को की वकत नहीं रह गयी है। हर बात में पूर्व कांग्रेसी नेताओं की चलती है। टिकट वितरण भी ज्योतिरादित्य कैंप की चलती दिख रही है।

Modi Govt. and BJP is very serious and concerning about supreme Courts verdicts whic are not in favour of Govt.
Modi Govt. and BJP is very serious and concerning about supreme Courts verdicts whic are not in favour of Govt.

वर्तमान विधायको के टिकट भी काटे जा रहे हैं ​इससे पूरे प्रदेश में कोहराम मचा हुआ है। भाजपा विधायकों और नेताओं में बगावती सुर सुनायी देने लगे हैं। ताजा हालात देख कर केन्द्रीय नेतृत्व के भी हाथ पांव फूल गये हैं। ये सुना जा रहा है कि बागी नेताओं को साधने को सूचियों में संशोधन किया जायेगा। लेकिन हालात यह बता रहे हैं कि 18 साल का गुस्सा जनता में साफ दिख रहा है। जनता इस बात से नाराज है कि इतने सालों से प्रदेश में भाजपा की सरकार है और शिवराज सिंह सीएम हैं लेकिन न तो बच्चों के लिये रोजगार के अवसर हैं और पढ़ाई के ​लिये अच्छे स्कूल हैं। कब तक राम मंदिर और हिन्दू के मुद्दे पर जनता को बरगलाते रहेंगे। अब जनता इस पुराने मुद्दों को सुन सुन कर पक गयी है। दूसरी तरफ कांग्रेस भी शिराज सरकार के भ्रष्टाचार को जनता तक पहुंचाने का मिशन चला रही है। पूरे प्रदेश में प्रदेश सरकार और भाजपा के खिलाफ भारी असंतोष गहराता जा रहा है। चर्चा यह है कि भाजपा और सरकार की अकर्मण्यता से जनता त्रस्त हो गयी है।

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