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छत्तीसगढ विधानसभा चुनाव 2023—भूपेश बघेल के गढ़ में ईडी क्यों
छत्तीसगढ़ में भाजपा अपनी सरकार बनाने के लिये हर तरह के पैतरे आजमा रही है। इसी क्रम में केन्द्र की मोदी सरकार ने ईडी को सीएम भूपेश बघेल के करीबियो पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। सीएम के राजनीतिक सलाहकार समेत आठ दस लोगों के घरों पर ईडी टीम ने छापे डाले है। इन छापों का मकसद सिर्फ कांग्रेस और सरकार को कानूनी दांव पेंच में फंसाये रखना है। किसी तरह सरकार को कमजोर करना और येण केण प्रकारेण भाजपा की सरकार बनाना होता है।
छत्तीसगढ़ में भाजपा को खटिया खड़ी बिस्तरा गोल
2018 से पहले प्रदेश में भाजपा की 15 साल से सरकार की थी जिसके सीएम डा.रमन सिंह थे। लेकिन 2018 में कांग्रेस ने भाजपा का सूपड़ा साफ कर दिया और भूपेश बघेल को सीएम बना कर छत्तीसगढ़ को संवारने की जिम्मेदारी सौंपी। श्री बघेल ने अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और पार्टी के साथ तालमेल बिठा कर रखा। वहीं भाजपा के पास रमन सिंह के अलावा कोई दिग्गज नेता नहीं है। प्रदेश में भाजपा बिल्कुल भी प्रभावी नहीं दिखी है। वैसे भी भाजपा नेतृत्व ने भी पूर्व सीएम को ठंडे बस्ते में डाल कर उनके राजनीतिक भविष्य पर ही सवालिया निशान लगा दिया है। प्रदेश में इस बार कोैन सीएम चेहरा होगा यह भी पार्टी ने तय नहीं किया है। वैसे भी प्रदेश कमें भाजपाई बिल्कुल निराश है। चुनावी सर्वे बता रहे हैं कि यहां कांग्रेस की हवा बरकरार है। कांग्रेस सरकार के कार्य कलापों से जनता काफी हद तक संतुष्ट दिख रही है। यहां कांग्रेस सरकार व सीएम भूपेश बघेल के आगे भाजपा का कोई नेता मुकाबला करते नहीं दिख रहा है।

पूछताछ के नाम पर लोगों को डराते धमकाते हैं
भूपेश बघेल ने दिल्ली में प्रेस से बात करते हुए कहा कि मोदी सरकार ईडी का इस्तेमाल कर विरोधी दलों के नेताओं और गैर भाजपा सरकारों को गिराना है। ईडी की टीम जिस किसी के आवास पर जाती है वहां रहने वालों को पांच सात दिनों तक बंधक बना लिया जाता है। किसी को भी बाहर जाने नहीं दिया जाता है। परिवार के बुजुर्गों तक के साथ बुरा बर्ताव किया जाता है। बीमार सदस्यों को मेडिकल सुविधा लेने को भी मना कर दिया जाता है। घर के सभी सदस्यों के मोबाइल बोल, बैंकों के डिटेल और जेवरातों को कब्जे में लेकर पूछताछ के नाम पर लोगों को डराया धमकाया जाता है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि अपनी बात मनवाने के लिये वो बलोगों को बोरे में डाल कर लात घूंसों से पीटा भी जाता हैं। टीम के सदस्य पहले से लिखे बयान पर दस्तखत कराने की कोशिश में रहते हैं। उनका एक सूत्री कार्यक्रम साइन करो या जेल जाने को तैयार रहो। सरकारी गवाह बनाने का दबाव डालते है।
डा.रमन सिंह को पार्टी ने नकार दिया है
दो तीन माह में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। वहां सीएम भूपेश बघेल की सरकार काफी अच्छी तरह से चल रही है। 2018 में कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ मेें भारी बहुमत से जीत हासिल की और भूपेश बघेल को सीएम की जिम्मदारी दी गयी थी। बघेल ने पूरी निष्ठा और ईमानदारी से प्रदेश में सरकार चलायी। ऐसे में प्रदेश बीजेपी की हालत और भी ज्यादा खस्ता हो गयी है। प्रदेश में बीजेपी के पास ऐसा कोई बड़ा और लोकप्रिय चेहरा नहीं है जिसे आगे कर चुनाव में चुनौती दी जा सके। वैसे भाजपा नेता यही कहते फिर रहे हैं कि प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार बनने जा रही है।








