आज के समय में बजुर्गों की देखरेख और ख्याल रखना एक बड़ी समस्या बन चुकी है। बुजुर्गों के साथ समय बिताने वाले लोगों की कमी देखी जा रही है। ऐसे में उन बुजुर्गों को एकांत जीवन जीना पड़ता है। ऐसे संपन्न लोगों को जिनके पास रुपये पैसे की कमी नहीं होती लेकिन उनके पास अपने घर के बुजुर्गों की देखरेख और बातचीत के लिये समय नहीं होता है। इसके पीछे नौकरी या व्यवसाय हो सकते हैं। ऐसे बुजुर्ग मौत आने से पहले ही जिंदा लाश बन जाते है। एल्केयर नाम की एक संस्था ने ऐसे बुजुर्गों की जरूरतों के लिये 24 घंटों की सर्विस देने की योजना बनायी है। उनकी संस्था में एक्स सर्विस मैन, प्रशिक्षित व अनुभवी नर्सें व अन्य ट्रेंड स्टाफ नियुक्त है। 11 शहरों में एल्केयर की संस्था सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। इस संस्था की स्थापना क्लासिक ग्रुप द्वारा की गयी है। इस ग्रुप के अध्यक्ष सुरेश मुटनेजा हैं। यह जानकारी विंग कमांडर रमन सोपोरी ने प्रेस क्लब दिल्ली में आयोजित एक पे्रसवार्ता में दी। हमारी संस्था के विशेषज्ञ केयरमेट्स, केयर एंजेल व अन्य स्टाफ सदा सेवा में तत्पर रहते हैं।
वरिष्ठ लोगों को हमेशा विभिन्न गंभीर रोगों का अंदेशा बना रहता है। ऐसे में उन्हें हमारे साथ व सहयोग की जरूरत होती है। आज के दौड़भाग वाली लाइफ स्टाइल में बुजुर्गों के लिये समय निकालना सबके लिये आसान नहीं होता है। उनके लिये देखभाल और साथ की बहुत ही ज्यादा जरूरत होती है। बीमार होने पर ऐसे लोगों को नर्सिंग, फिजियो थिरैपी, होम आईसीयू सेटअप व अन्य आवश्यक चिकित्सा की जरूरत होती हैं। ऐसे में हमारी एल्केयर सभी कसौटियों पर खरी उतर रही है। इस अवसर पर एयर मार्शल दलजीत सिंह, डा. उमेश सहगल, गुरुग्राम लाफ्टर क्लब पंकज भाई, काॅमोडोर नरेश कुमार व लेफ्टिनेंट कर्नल जेएस कनडाल भी मौजूद थे।
डा. सहगल ने प्रेसवार्ता के दौरान हंसी की जिंदगी में जरूरत है इस पर काफी रोचक ढंग से बताया। इतना ही नहीं। उनकी टीम ने लाइव प्रेजेंटेशन दिया जिसका सभी भरपूर आनंद लिया। हंसी और ठहाके में अंतर को भी समझाया। जो लोग खुल कर हंसते या ठहाके लगाते हैं उनका मन मस्तिष्क स्वस्थ रहता है। ऐसे लोगों ंका सदा ही प्रसन्न और सेहत सही रहती है। हंसी से फेफड़े तो स्वस्थ रहते हैं। साथ ही शरीर भी निरोगी बना रहता है।

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