BJP is trying to catch small regional parties to get favour for nda in Next Gen. election 2024
BJP is trying to catch small regional parties to get favour for nda in Next Gen. election 2024

#ChiragPaswan#Lokjanshaktiparty#JDU#RebelofLJP MP’s#Loksabhaspeaker#OmBirla#

छह सात माह पूर्व बिहार में विधानसभा चुनाव हुए जिसमें भाजपा और जेडीयू ने मिलकर एक बार फिर गठबंधन से सरकार बनायी। इस चुनाव के दौरा लेाकजन शक्ति पार्टी ने जेडीयू के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला था। खासतौर से पार्टी सुप्रीमो चिराग पासवान ने अपने निशाने पर सीएम नितीश कुमार को रखते हुए भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने का दावा किया था। लेकिन परिणाम में चिराग पासवान की पार्टी को मात्र एक सीट ही मिली। लेकिन जेडीयू को भारी नुकसान हुआ। इस बात से नितीश कुमार चिराग से काफी नाराज दिखे। लेकिन चिराग की पार्टी के पांच सांसदों ने बगावत कर दी है। यह भी पता चला है कि पांचों सांसद जेडीयू के संपर्क मंे हैं। पांचों सांसद पार्टी अध्यक्ष की कार्य प्रणाली से नाखुश थे।
चुनाव परिणाम आने के बाद से ही पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं भारी रोष था। चिराग पासवान पार्टी के सांसदों और कार्यकर्ताओं से मिलने में काफी आनाकानी करते थे। इसलिये पार्टी के पांच सांसदों ने यह तय किया कि वो पार्टी छोड़ देंगे। इतना ही नहीं सांसद पशुपति नाथ पासवान, श्रीमती वीना देवी, कैसर अली, प्रिंस राजू व अन्य ने दिल्ली आ कर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिल कर लिखित मांग की कि पांच सांसदों को अलग राजनीतिक दल के सदस्य मानने की अनुमति दी जाये। उनकी इस मांग पर यह आश्वासन दिया गया कि कानून के दायरे में रह कर सुनवायी की जायेगी। चिराग पासवान भी इस वक्त दिल्ली में हैं। इस मामले में उन्होंने कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की है।
पिछले ही साल चिराग पासवान के पिता राम बिलास पासवान का निधन हुआ था। इसके बाद से ही चिराग पासवान ने पार्टी अध्यक्ष का पद संभाला था। विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान चिराग ने काफी मेहनत की लेकिन उनकी पार्टी को विशेष फायदा नहीं मिला। अफसोस की बात यह है कि जिस पार्टी को राम बिलास पासवान ने बड़ी मेहनत से खड़ा किया था, उनके बेटे के हाथ में आते ही पार्टी का वजूद खतरे में आ गया। राम विलास पासवान अपने कार्यकर्ता और नेताओं से मिलने में कोई आनाकानी नहीं करते थे। उन्हें यह मालूम था कि पार्टी को चलाने वाले कार्यकर्ता होते है। यह बात शायद चिराग पासवान की समझ में नहीं आयी। बागी सांसदों में चिराग के चाचा पशुपति नाथ भी शामिल हैं। लोजपा में अब चिराग पासवान ही सांसद रह गये हैं। बाकी पांच सांसदों ने चिराग के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here