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पिछले तीन चार साल में एक बात तो है कि जो कोई भी पीएम मोदी और अडाणी ग्रुप के बारे में बोलेगा उसे सरकार और भाजपा के निशाने पर आ जाता है। चाहे वो राहुल गांधी हों, संजय सिंह हों सबको लोकसभा स्पीकर के कोप का भाजन बनना पड़ा है। आम आदमी पार्टी के संजय सिंह भी पीएम मोदी पर काफी हमलावर रहे हैं। वो सीधा हमला मोदी और अडाणी को लेकर करते रहे। यही वजह है कि उनके खिलाफ कोई सबुत न होने के बावजूद ईडी ने दिल्ली शराबनीति घोटाले में अरोपी बना कर जेल भेज दिया है। इतना ही नहीं आप राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को भी साजिशन राज्यसभा से अनिश्चितकाल के लिये निलंबित करवा दिया है। इस प्रकार यह देखा जा रहा है कि जो भी मोदी और अडाणी के खिलाफ आवाज उठाता है उसे साजिशन फर्जी मामलों में फंसा कर जेल भेजा जा रहा है।इसी कड़ी में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा नया नाम जुड़ गया है। टीएमसी सांसद महुआ एक तेज तर्रार और प्रतिभाशाली वक्ता हैं। वो काफी समय तक यूएसए और विदेशों में रह कर पढ़ी और बाद में वहीं एक नामचीन बैंक में वाइस प्रेसीडेट रही है। इस बात को न तो बीजेपी पचा पा रही है और उनकी पार्टी के नेता और मंत्री।
महुआ के निशाने पर पीएम मोदी और गौतम अडाणी
महुआ के निशाने पर मोदी सरकार और अडाणी ग्रुप के मुखिया गौतम अडाणी रहते हैं। लोकसभा में उनके भाषण इतने अकाट्य होेते हैं कि कोई भी मंत्री और सांसद उनसे सवाल जवाब कर सके। यही वजह रही है कि पूरी सरकार और भाजपा सांसदों के निशान पर टीएमसी सांसद रहती हैं। खासतौर से सांसद निशिकांत दुबे और महुआ के बीच में कई बार तूतू मैं मैं हो चुकी है। निशिकांत ने तो सारी सीमाएं लांघते हुए महुआ को नगरवधू तक कह डाला था। महुआ ने निशिकांत दुबे की डिग्री पर ही सवाल उठाते हुए फर्जी डिग्री वाला सांसद कह दिया था। इतना ही नहीं उन्होंने बीजेपी सांसद की डिग्रयों की जांच कराने की मांग की थी। जब से हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पब्लिक डोमेन में आयी है तब से राहुल गांधी और महुआ मित्रा के निशाने पर पीएम मोदी और गौतम अडाणी ही रहेे हैं चूंकि महुआ एक बैंकर के रूप में उच्च पद पर काम कर चुकी हैं इसलिये उनको फाइनेंस और इन्वेस्टमेंट पर अच्छी पकड़ है। उनके हमले होते हैं पूरी तरह से रिसर्च आधारित होते हैं। इससे पीएम मोदी और अडाणी काफी परेशान हो रहे हैं। इसलिये वो इससे निपटने को तरीके ढूंढ रहे हैं। राहुल गांधी को तो उन्होंनेे मोदी सरनेम मामले में फंसा कर निपटा ही दिया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की राहत से उनकी सांसदी बहाल हो गयी साथ संसद में प्रवेश करने की इजाजत भी मिल गयी। मोदी सरकार और भाजपा की परेशानी भी बढ़ गयी है।
महुआ को भी फंसाने की साजिश
महुआ मोइत्रा को फंसाने के लिये भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को हाल ही में ऐसा मौका मिला जिसके सहारे उन्होंने महुआ मोइत्रा पर यह आरोप लगाया कि वो संसद में सवाल के बदले करोड़ों रुपये लेती हैं। साथ ही यह आरोप लगाया कि उन्होंने देश के बड़े कारोबारी हीरानंदानी के जरिये देश के पीएम मोदी और गौतम अडाणी की छवि धूमिल करने की साजिश रची है। इस मामले में बीजेपी सांसद के साथ महुआ के एक्स ब्वाय फ्रेंड जय अनंत जो सुप्रीम कोर्ट के वकील का मिला है। जय औ महुआ पहले अच्छे दोस्त हुआ करते थे। उन दिनों की कई ऐसी बातों को जय अनंत ने निशिकांत के साझा किया है। मसलन उनकी निजी फोटो और रहन सहन को साझा किया है। मीडिया पर महुआ की वो निजी फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल भी किया गया है। भाजपा और सांसद दुबे ने सोचा ऐसा करने से महुआ परेशान हो जायेंगी लेकिन महुआ ने इरादे साफ करते हुए कहा कि वो भाजपा और सांसदों की साजिश से हार मानने वाली नहीं हैं वो मोदी सरकार और अडाणी के खिलाफ ऐसे ही सवाल दागती रहेंगी। दुबे ने महुआ पर यह भी आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी सांसद वाली ईमेल आईडी हीरानंदानी के लड़के दर्शन हीरानंदानी को दी हैै। यह बहुत संगीन अपराध है उन्होंने देश की सुरक्षा से खिलवाड़ किया है। सांसद दुबे ने लोकसभा स्पीकर को शिकायत कर महुआ की सदस्यता रद करने की मांग की है। लोकसभा स्पीकर ओम बिडला ने दुबे की बात को मानते हुए महुआ के मामले को लोकसभा की एथिक्स कमेटी के पास भेज दिया है। कमेटी ने महुआ को सवालों का जवाब देने को बुलावा भेज दिया है। जानकारी हो कि एथिक्स कमेटी के चेयरमैन भाजपा सांसद विनोद सोनकर हैं। उन्होंने पहले से ही महुआ के खिलाफ सफाई सुनने से पहले ही उन्हें दोषी करार दे दिया है। वहां से महुआ को न्याय मिलता नहीं दिख रहा है। मोदी सरकार और भाजपा सांसद चाह रहे हैं कि राहुल गांधी की तरह महुआ मोइत्रा को भी सांसदी से बेदखल करवा दिया जाये ताकि कोई भी मोदी और अडाणी के खिलाफ बोलने की हिमाकत न कर सकें।

महुआ मोइत्रा ने अपने एक वीडियो से बताया है कि भाजपा के दो सांसदों ने उनसे ममले को रफा दफा करने की सलाह दी। ये सांसद चाह रहे थे कि महुआ गुपचुप तरीके से गौतम अडाणी से मिलें। वो चाहते हैं कि महुआ मोदी और अडाणी के बारे में छह महीने चुप रहें। इस बीच लोकसभा चुनाव हो जायेंगे। तब तक मामला ठंडा हो जायेगा। महुआ ने यह भी कहा कि हाल ही में अडाणी ग्रुप के साथ सुलह करने के लिये फिर से प्रस्ताव मिला है। यह कहा गया है कि सब कुछ ठीक हो जायेगा। यदि वो अडाणी और मोदी के बारे में हमले करना बंद कर दें तो।







