#Indian Politics# PM Modi & Shah# MP Politics# Rajsthan Politics# Karnatak Politics# Uttrakhand Politics# Gujrat Politics# Ex CM Vasundhara, Shivraj, Raman Singh # BS yeddurappa#
एक पुराना गाना आज याद आ रहा है कि मतलब निकल गया तो पहचानते नहीं, वो यों जा रहे हैं जैसे जानते नहीं।मोदी शाह ने राजनीति में एक अनोखा प्रयोग शुरू किया कुछ लोगों को यह अनोखा लगेगा तो कुछ को बकवास लगेगा लेकिन फिलहाल मोदी शाह का प्रयोग काफी सफल दिख रहा है। तीन प्रदेशों में मोदी शाह ने जीत हासिल कर राजनति में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। दिलचस्प बात यह है कि इन तीनों जगहों पर केन्द्रीय नेतृत्व ने दिग्गज स्थानीय लोगों को दर किनारे कर अपने पिट्ठुओं को सत्ता के शीर्ष पर बैठा दिया है जिससे केन्द्र के साथ साथ प्रदेश में भी कब्जा बरकरार रहे। हां इस बात से कुछ क्षत्रप नाराज हो सकते हैं। लेकिन मोदी शाह को उनकी नाराजगी की कोई फिक्र नहीं है। ये बात और है कि नये सीएम मोदी शाह को उनकी मंशा के अनुरूप उतरते हैं या उनकी चाल उल्टी पड़ने वाली है।
मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में अभूतपूर्व सीएम
मध्यप्रदेश में पूर्व सीएम शिवराज चौहान ने इस बार ऐतिहासिक जीत दिलाते हुए सबको हैरान कर दिया। लेकिन मोदी शाह तो पहले से ही मन बना चुकी थी कि इस बार वो मध्यप्रदेश में जीतने के बाद शिवराज को सीएम नहीं बनायेंगे। इस बात का अहसास शिवराज को पहले ही हो चुका था। लेकिन रिजल्ट आने के बाद उन्हें कि मोदी शाह इस बार फिर से सीएम बनाने वाले हैं लेकिन मोदी शाह ने उन्हें दर किनार करते हुए उज्जेन दक्षिण के तीन बार के विधायक मोहन यादव को सीएम उम्मीदवार बना कर पूरी पार्टी को ही चौंका दिया। यहां तक कि मोहन यादव को भी उम्मीद नहीं थी कि वो सीएम होने जा रहे हैं। भले ही शिवराज ने पहले यह कहा था कि वो सीएम नहीं जा रहे हैं। लेकिन उन्होंने ये भी कह दिया कि वो दिल्ली नहीं जाने वाले हें। वो काम मांगने दिल्ली नहीं जायेंगे। राजस्थान में वसुंधरा राजे के साथ भी मोदी शाह ने हाशिये पर ला दिया। वहां पहली बार के विधायक भजन लाल शर्मा को सीएम घोषित कर दिया। दिलचस्प बात यह है कि भजन लाल का नाम भी वसुंधरा के मुंह से प्रस्तावित करवाया। एमपी में भी मोहन यादव का नाम भी शिवराज चौहान के द्वारा एलान करवाया। छत्तीसगढ़ ंमें तो रमन सिंह ने अपना भविष्य मोदी शाह की रहम ओ करम पर ही छोड़ दिया है। वहां भी विष्णुदेव साय को सीएम बना दिया गया। चर्चा यह है कि मोदी शाह ने यह सब इसलिये किया कि केन्द्र के लिये ये लोग वफादार बने रहेंगे। जैसा मोदी शाह कहेंगे वैसा ही प्रदेश में होगा। साथ ही दिग्गज नेताओं की धौंस भी नहीं सहनी होगी।

गुजरात, उत्तराखंड और कर्नाटक में भी यही किया
मोदी शाह ने गुजरात में विजय रूपाणी सरकार को इस्तीफा देने को कहा और पूरे मंत्रिमंडल से इस्तीफा करवा लिये बाद में ऐसे लोगों को सीएम और मत्री बना दिया। इस बात पर भी किसी नेतान इस बात का विरोध नही किया। ये बात और है कि उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने खुलआम अपना दुख जाहिर कर दिया था। लेकिन मोदी शाह के खिलाफ बोलने की वो हिम्मत नहीं जुटा पाये। वहां भी मोदी शाह ने भपेंद्र पटेल को सीएम बना दिया। पटेल एक बिल्डर थे जो पहली बार चुनाव लड़कर विधायक बने और मोदी की मेहरबानी से सीएम बन गये। मोदी जी जबसे पीएम बने हैं तब से उन्होंने देश और पार्टी दोनों पर ही कब्जा कर लिया है। इन दोनों नेताओं की मंशा है कि कोई भी बड़ा ये न समझे कि वो पार्टी में कुछ हेससियत रखता है। हर कोई कार्यकर्ता है पार्टी जब चाहे तब उसे बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है जैसा कि विजय रूपाणी, नितिन पटेल, शिवराज, वसुंधरा और रमन सिंह ही क्यों न हो। ऐसा ही कुछ हाल कर्नाटक में बीएस येदुरप्पा के साथ मोदी शाह ने किया और उसका खामियाजा कर्नाटक हाथ से निकल गया। लेकिन उसकी भरपायी मोदी शाह ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ में जीत हासिल कर कर्नाटक का बदला कांग्रेस से ले लिया है। लेकिन मोदी शाह की असली परीक्षा तो आम चुनाव में होगी जहां उनके लिये इंडिया गठबंधन टक्कर देता दिखायी दे रहा है। ये बात मोदी और शाह भी समझ गये हैं कि जरा सी चूक उनके लिये भारी पड़ सकती है।








