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आखिर वही हुआ जिसकी आशांका थी। ईडी ने पंजाब के सीएम चन्नी के भांजे का गिरफ्तार कर ही लिया। ईडी यह गिरफ्तारी अवैध खनन मामले में की है। हाल ही ईडी ने पंजाब के कई इलाकों में छापे मारी की थी। इसमे उन्होंने लगभग करोड़ नगद और काफी जेवरात बरामद करने का दावा किया था। भूंपिंदर सिंह हनी की गिरफ्तारी से पंजाब कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। इससे पहले भी सीएम चन्नी की छवि को धूमिल करने का प्रयास अकाली दल और अमरिंदर सिंह ने किया था। यह कदम भी इस ओर इशारा कर रहा है कि हनी के जरिये सीएम चन्नी की छवि को खराब किया जा रहा है।
मालूम हो कि अवैध खनन मामले में 2018 के सीएम अमरिंदर सिंह ने एक मामला दर्ज करने को पुलिस को निर्देश दिया था। उस रिपोर्ट में भूपिंदर सिंह हनी का नाम नहीं था। लेकिन लगभग चार साल बाद उस मामले में चन्नी के भांजे पर ईडी ने कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया है। लोग ईडी की कार्रवाई की टाइमिंग को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
कांग्रेस ने पंजाब सीएम पद के लिये चन्नी का नाम तय करते समय इस बात का प्रचार किया था कि चन्नी दलित होने के साथ बेदाग है। इससे कांग्रेस को काफी फायदा मिलता दिख रहा था। दिलचस्प यह है चार माह में ही कांग्रेस के हालात बदल गये हैं कि उसके अपने ही लोग दूसरों के साथ मिलकर उनके खिलाफ साजिशें रच रहे हैं। नवजोत सिंह सिद्धू के उकसाने पर आला कमान ने पूर्व सीएम अमरिंदर सिंह को अपने पद से इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा था। फिर अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस छोड़ अपनी पार्टी बनाने का फैसला किया। इतना ही नहीं अमरिंदर सिंह ने भाजपा के साथ इस चुनाव में गठबंधन के जरिये दोबारा सत्ता में आने का ख्वाब देखा है। भाजपा भी किसी ऐसे नेता को ढूंढ रही थी जिसकी पंजाब में पहचान हो जिसके कंधे पर सवार हो कर वो अपने लिये जमीन तैयार कर सके। ईडी की इस कार्रवाई के पीछे केन्द्र और अमरिंदर सिंह की मंशा साफ दिख रही है।








