Modi & Shah don't want to Vasundhara as candidate of CM for Rajsthan
Modi & Shah don't want to Vasundhara as candidate of CM for Rajsthan

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राजस्थान में सीएम पद के लिये नेताओं ने दिल्ली दरबार की परिक्रमा शुरू कर दी है। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे भी दिल्ली में डेरा डाले हैं। वहीं दिल्ली दरबार किसी और नेता को राजस्थान में सीएम बनाने की फिराक में है। ये बात पहले से ही चुनाव से पहले ही दिल्ली दरबार ने जाहिर कर दी थी। दो बार की सीएम वसुंधरा राजे और मोदी शाह के बीच अनबन जग जाहिर है। इस लिये मोदी शाह ने एक नयी चाल चलने की सोची है। इस चाल के तहत वो यूपी की तर्ज पर किसी साधु या महंत को सीएम बना दें। इसलिये उन्होंने सांसद बालकनाथ को तिजारा से विधायका का चुनाव लड़वाया। बालकनाथ अपने विवादित बयानों के लिये जाने जाते है। कट्टर हिन्दू के रूप में उनकी पहचान है। मोदी शाह यूपी की तरह राजस्थान में कट्टर हिन्दू और मुस्लिम विरोधी नेता के हाथ में कमान सौंपना चाहते हैं। गुजरात, यूपी और मध्यप्रदेश की तरह मोदी शाह राजस्थान को भी हिन्दुत्व की प्रयोगशाला बनाना चाह रहे हैं। बालकनाथ का एक बयान वायरल हुआ जिसमें वो मुस्लिम समुदाय को चेतावनी देते दिखाई दे रहे हैं और कहते हैं कि अपना राशन कार्ड कर्नाटक का बनवा लें। राजस्थान में अब वो छुप नहीं सकते हैं।

चुनाव में कमल का निशान ही भाजपा का फेस

मोदी शाह नहीं चाह रहे थे कि इस बार वसुंधरा को सीएम फेस बनाया जाये।  मोदी ने प्रचार करते हुए कहा कि इस बार कमल का निशान ही फेस है। इस चुनाव में भाजपा ने बिना सीएम फेस के ही चुनाव लड़ा। इसमें उन्हें सरकार बनाने में सफलता भी मिली। हालात देख दिल्ली दरबार ने वसुंधरा के आगे घुटने टेके चौथी लिस्ट में राजे को टिकट भी देना इतना ही उनके 25 से अधिक समर्थकों को भी टिकट दिये ताकि चुनाव में झटका न लग जाये। लेकिन वसुंधरा और दिल्ली दरबार के बीच की खाई साफ दिख रही है।

EX CM Vasundhara Raje mate Cong MP Gauav Gogoi currenty at Udaypur airport. It's headache for Modi & Shah
EX CM Vasundhara Raje mate Cong MP Gauav Gogoi currenty at Udaypur airport. It’s headache for Modi & Shah

अब जब कि राजस्थान में यह साफ हो गया कि भाजपा ही सरकार बनाने में सक्षम है ऐसे में दिल्ली दरबार इस बार यह मन बना चुकी है कि वो वसुंधरा को सीएम नहीं बनायेगी। उनके मुकाबले कई ऐसे नेता और मंत्रियों को सामने कर दिया ताकि वसुंधरा सीएम पद को अकेली उम्मीदवार नहीं रह गयी हैं। सीएम पद की रेस में सबसे आगे नाम दीया कुमारी का है जो जयपुर के विद्याधर ​नगर से विधायक बनी हैं। दीया कुमारी राजे की तरह राजघराने से हैं और उनकी धाक भी मानी जाती है। इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और अर्जुनराम मेघवाल के साथ साथ पूर्व मंत्री राज्यवर्धन सिंह भी सीएम पद की रेस में है। ऐसे में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का क्या होगा ये तो कुछ समय बाद ही पता चलेगा। लेकिन यह तय है कि दिल्ली दरबार वसुंधरा को सीएम पद पर नहीं बैठाने वाला है। ऐसे में वसुंधरा को यह सोचना होगा कि वो दिल्ली दरबार के आगे झुकें या टकरायें। वैसे भी वसुंधरा ने इस चुनाव के दौरान ही यह संकेत दिये थे कि ये उनका आखिरी चुनाव होने वाला है।

वसुंधरा की दुविधा बढ़ी

वसुंधरा के सामने दुविधा है कि यदि मोदी शाह ने उन्हें सीएम नहीं बनाया तो वो क्या करेंगी। दो ही विकल्प हैं कि विद्रोह कर पार्टी छोड़ दे या मोदी शाह की सल्तनत को सिर झुका कर मान लें। वसुंधरा राजे पहली बात करने में गुरेज नहीं करेंगी। उनके लिये मोदी शाह के आगे सिर झुकाना असंभव है। एक और स्थिति है कि वो अपना एक अलग मोर्चा बना कर भाजपा को टक्कर दें।

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