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पांचवें चरण मतदान के बाद मोदी और भाजपा को लगने लगा है कि अब उनके हाथों से सत्ता की डोर सरकने लगी है यही वजह है कि पीएम मोदी अपने हर भाषण में राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन को निशाने पर रख रहे हैं। एक तरफ पीएम मोदी यह कह रहे हैं कि राहुल गांधी व कांग्रेस को देशवासियों ने नकार दिया है वहीं उनके हर भाषण और सभा में राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन ही मुख्य विषय होता है। अब उनके भाषणों में विकास, 5 ट्रिलियन इकोनामी और विदेश में डंका बजने का जिक्र कहीं नहीं होता है।

राहुल गांधी की पिच पर भाजपा
पहले चुनावों में कांग्रेस भाजपा की बनायी पिच पर चलती थी। लेकिन इस चुनाव में उल्टा हो गया है कांग्रेस जो पिच बना रही है उसी पर भाजपा आगे बढ़ रही है। एक तरफ भाजपा और पीएम मोदी लोगों को धर्म और जाति के नाम पर अलगाववादी नीतियों को अपना रही है। पीएम मोदी के भाषणों में सिवाय नफरती बातों का ही जिक्र होता है। उनकी बातों में जनता से जुड़ी समस्याओं महंगायी, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वारस्थ्य और किसानों की समस्याओं का कहीं जिक्र नहीं होतो है। मोदी और शाह की मीटिंगों में सिवाय कांग्रेस और इंडिया ब्लाक के नेताओं की निंदा करने के कुछ नही होता है। भाजपा के इस प्रचार में व्हाट्सअप और सोशल मीडिया खास रोल प्ले कर रहे है। इन प्लेटफार्म पर बीजेपी का आईसेल सुबह से ही भड़काऊ पोस्ट डालता है और अंधभक्त उनको दिन भर फारवर्ड करते रहते हैं। भाजपा की बदहाली देख पीएम मोदी और भाजपा के नेता अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं इसीलिये आये दिन ऊल जुलूल बयानबाजी कर रहे है।

इंडिया गठबंधन का फोकस जनसरोकार पर
दूसरी ओर राहुल गांधी, अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी समेत तेजस्वी यादव, शरद पवार और ऊद्धव ठाकरे सीधा हमला पीएम मोदी पर कर रहे हैं। शुरुआत में पीएम मोदी और भाजपा अबकी बार चार सौ पार का नारा बुलंद कर रही थी। लेकिन दो चरणों के मतदान के बाद से मोदी जी अपने पुराने सांप्रदायिकता वाले रूप में दिखने लगे। सबसे दिलचस्प बात यह है कि पिछले दस सालों में मोदी और भाजपा ने जितना राहुल और कांग्रेस को कोसा है उससे कांग्रेस और राहुल को भाजपा का मुकाबला करना सिखा दिया है। भारत जोड़ो यात्रा ने कांग्रेस और राहुल गांधी को काफी लाभ पहुंचाया है। देश में कांग्रेस की यूएसपी में इजाफा हुआ है।

मोदी के मुकाबले खड़े हुए राहुल गांधी
इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि अब राहुल गांधी 2019 वाले राहुल गांधी नहीं रहे हैं। उनके व्यक्त्तित्व में गुणात्मक सुधार आया है। इसके साथ ही उनकी देश में लोकप्रियता का ग्राफ काफी तेजी से बढ़ा है। चुनाव प्रचार में मंदिर मस्जिद, हिन्दू मुस्लिम पाकिस्तान, मंगल सूत्र चुनावी प्रचार में राहुल गांधी अपने हर भाषण में यह कह रहे हैं कि चार जून को मोदी सरकार की विदायी तय है। पीएम मोदी आगे पीएम नहीं बनेंगे।
जनता को चाहिये देश में बदलाव
जनता ने तय कर लिया है कि उन्हें झूठे मक्कार और दलित, किसान और युवा विराधी सरकार नहीं चाहिये। कांग्रेस अपने पांच न्याय सूत्रों के प्रचार प्रसार में जुटी है। राहुल गांधी अपनी हर सभा में पांच न्यायसूत्रों बातों का जिक्र कर जनता को बताते हैं कि जैसे ही देश में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी उसके साथ ही देश के गरीब परिवार की एक महिला को साल में एक लाख की धनराशि उसके खाते में डाल दी जायेगी। देश के शिक्षित बेराजगार युवा को पहली नौकरी पक्की के तहत उसके खाते में एक लाख रुपये उसके खाते में आ जायेंगे। इसी तरह किसानों के लिये एमएसपी पर गारंटी कानून बनाया जायेगा। खेती किसानी से संबंधी उत्पादों से जीएसटी खत्म कर दिया जायेगा। कांग्रेस की इन सब गारंटियों पर जनता को विश्वास होता दिख रहा है।








