कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। बैंक ने नाॅन-होम ब्रांच से लेनदेन के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। शनिवार को बैंक की तरफ से किए गए ट्वीट में कहा गया, ‘अपने ग्राहकों की मदद के लिए बैंक ने नाॅन-होम ब्रांच से पैसा निकासी की सीमा को बढ़ा दिया है। अब चेक और निकासी पर्ची के जरिए अधिक पैसा निकाला जा सकेगा।’
क्या बदला है नियम
1- भारत के सबसे कर्जदाता बैंक के नए नियमों के अनुसार कोई भी 1 लाख रुपये प्रतिदिन कैश चेक के जरिए निकाल सकता है।
2- सेविंग पासबुक के जरिए अब निकासी फाॅर्म की मदद से 25 हजार रुपये कैश प्रति दिन निकाला जा सकता है।
3- कोई तीसरा व्यक्ति अब चेक के जरिए 50 हजार रुपये कैश निकाल सकता है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि निकासी फाॅर्म के जरिए कोई भी तीसरा व्यक्ति कैश नहीं निकाल सकता है। यह नए नियम 30 सितंबर 2021 तक लागू रहेगा।
To support our customers in this pandemic, SBI has increased the non-home cash withdrawal limits through cheque and withdrawal form.
#SBIAapkeSaath #StayStrongIndia #CashWithdrawal #Covid19 #BankSafe #StaySafe pic.twitter.com/t4AXY4Rzqh— State Bank of India (@TheOfficialSBI) May 29, 2021
होम ब्रांच और नाॅन होम ब्रांच क्या होता है
होम ब्रांच यानी जहां से आपका खाता संचालित होता है। उदारहण के तौर पर आपने A ब्रांच में खाता शुरू किया तो नियमों के मुताबिक यह आपका होम ब्रांच होगा। नाॅन होम में आपका खाता A ब्रांच में है लेकिन आप पैसा निकाल रहे हैं B ब्रांच से। उदारहण के तौर अगर समझें तो आपने अपने गांव के नजदीकी होम ब्रांच में खाता खुलवाया, लेकिन आप दिल्ली में एसबीआई के ब्रांच से पैसा निकालते हैं तो वह नाॅन-होम ब्रांच ट्रांजैक्शन कहलाएगा।
मंडी भाव: थोक में गिरे खाद्य तेलों के रेट पर फुटकर में 160-170 रुपये बिक रहे सरसों-सोयाबीन के तेल







