Amit Shah visits Port Blair Cellular Jail: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शुक्रवार को पोर्ट ब्लेयर पहुंचे. उन्होंने पोर्ट ब्लेयर की सेल्युलर जेल में स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी. वे जेल की उस सेल में भी गए जहां पर उस विनायक दामोदर सावरकर को कैद किया गया था. सेल के अंदर पहुंचकर उन्होंने सावरकर को श्रद्धांजलि दी. इसके साथ ही उन्होंने सेल्युलर जेल राष्ट्रीय स्मारक संग्रहालय का दौरा किया.

सेल्युर जेल का दौरा करने पहुंचे गृहमंत्री ने कहा, “आज दूसरी बार मुझे आजादी के तीर्थ स्थल पर आने का मौका मिला है. मैं जब-जब यहां आता हूं, एक नई ऊर्जा और प्रेरणा प्राप्त करके यहां से जाता हूं. देश भर के लोगों के लिए अंग्रेजों द्वारा बनाई गई ये सेल्युलर जेल सबसे बड़ा तीर्थ स्थान है. इसीलिए सावरकर कहते थे कि ये तीर्थों में महातीर्थ है, जहां आजादी की ज्योति को प्रज्वलित करने के लिए अनेकों लोगों ने बलिदान दिए.”

अमित शाह ने कहा, “आज स्वतंत्रता आंदोलन की इस तपोस्थली और संकल्प स्थली पर जब मैं आया हूं, तब अनेक स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और उनके संकल्प को सम्मान के साथ मैं नमन करता हूं. आज विजयादशमी है. विजयादशमी के दिन को हम पूरे भारतवर्ष में बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक के रूप में मनाते हैं. आजादी का ये तीर्थ स्थल भी बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है, यहीं पर एक संकल्प लिया गया था कि भारत माता को कोई गुलाम नहीं रख सकता.”

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, “अब जिस रास्ते पर पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने आगे बढ़ने और चलने का निर्णय लिया है, वो पीछे मुड़ने का नहीं बल्कि आगे बढ़ते रहने का रास्ता है और सावरकर और सान्याल जैसे वीर स्वतंत्रता सेनानियों की संकल्पना का भारत बनाने का रास्ता है. पीएम मोदी ने आजादी का अमृत महोत्सव मनाने का निर्णय इसलिए लिया है कि विशेषकर युवा पीढ़ी को आजादी के संग्राम की जानकारी मिले. जिनका नाम गुमनाम हो गया, ऐसे अंजान स्वतंत्रता सेनानियों की वीरता के और आजादी में उनके योगदान का परिचय हमारी युवा पीढ़ी को मिले.”

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