गणतंत्र दिवस परेड में इस बार सामान्य गणों को बड़ा सम्मान मिला है। रिपब्लिक डे परेड को देखने पहुंचे स्वच्छाग्रहियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स, ऑटो रिक्शा चालक, निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को विशेष मेहमानों वाली दर्शक दीर्घा में जगह दी गई। इनमें से कई मजदूर ऐसे भी थे, जिन्होंने विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां तैयार की थीं। जिन्हें राजपथ की परेड में देश एकता, शक्ति, विविधता और अन्य पहलुओं को प्रदर्शित करने के लिए दिखाया गया था। राजपथ पर भारत के गणतंत्र दिवस के 73वें साल के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में इन विशेष मेहमानों के लिए सीटें आरक्षित की गई थीं।

इन लोगों में वे ऑटो ड्राइवर भी शामिल थे, जिन्होंने कोरोना काल में मरीजों को अस्पताल तक ले जाने का काम किया था। इसके अलावा सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के लिए काम करने वाले मजदूरों को भी इसमें शामिल किया गया है। यही नहीं नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के सफाईमित्रों को भी इसमें शामिल किया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी अकसर सफाईकर्मियों, निर्माण में लगे मजदूरों का सम्मान करते रहे हैं। यही अंदाज उनका रिपब्लिक डे परेड में भी दिखाई दिया। यही नहीं पीएम नरेंद्र मोदी गणतंत्र दिवस परेड कार्यक्रम की शुरुआत से पहले शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचे। यहां वह उत्तराखंड की टोपी और मणिपुर के गमछे में खास अंदाज में नजर आए।

पीएम नरेंद्र मोदी ठीक सुबह 10 बजे राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पहुंचे और दो मिनट का मौन रखकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पुष्प अर्पित किए। हाल ही में इंडिया गेट पर रखी अमर जवान ज्योति को भी राष्ट्रीय युद्ध स्मारत पर शहीदों के सम्मान में प्रज्ज्वलित ज्योति में विलीन किया गया था। इसके अलावा इंडिया गेट पर 23 जनवरी को पीएम नरेंद्र मोदी ने महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया था। यहां एक भव्य प्रतिमा रखी जानी है। तब तक के लिए होलोग्राम की अस्थायी व्यवस्था की गई है।



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