#RSSChief# BJP&supporters# Fringe Groups# HinduFrontalOrganistaionns# MuslimCommunity#BJPRulingstates#SupremeCourt#
देश में भर शिवलिंग और मस्जिद को लेक्रर दोनों संप्रदायों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे समय में संघ प्रमुख मोहन भागवत का ऐसा बयान आया जिससे पूरे देश में चर्चा होने लगी कि आखिर भागवत की मंशा क्या है। उनके बयान का कुछ लोग स्वागत कर रहे हैं तो कुछ लोग विरोध कर रहे हैं। यह देखा जा रहा है कि पूरे देश में ऐतिहासिक मस्जिदों को लेकर हिन्दू संगठन मोर्चा खोले हैं। जैसे कुछ लोगों ने दिल्ली की कुतुबमीनार, आगरा के ताज महल और अजमेर शरीफ की दरगाह पर भी सवालिया निशान उठाये और उनके सर्वें की मांग कर दी है। ज्ञानवापी मस्जिद का मामला वैसे भी अदालत में आ गया है। अदालत कह रही है कि समाज के हर वर्ग की भावनाओं का सम्मान करते हुए हीलिंग टच आज के समय में बहुत जरूरी है।
हिन्दू संगठनों और भाजपा द्वारा ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है जिससे इस बात की आशंका हो रही है कि यदि कोर्ट का फैसला उनके मनमाफिक नहीं आया तो पूरे देश में हिंसात्मक आन्दोलन शुरू हो जायेगा। ऐसे में पूरा देश दो खेमों में बंट जायेगा एक हिन्दू समर्थक और दूसरा मुस्लिम समर्थक। ऐसे में 2024 का आम चुनाव हिन्दू मुस्लिम में बन जायेगा। भाजपा हिन्दुओं को एकमत करने का प्रयास करेगी और केन्द्र में एक बार फिर बीजेपी सरकार बन जायेगी। यह भी कहा जा रहा है कि पूरे देश जो हिन्दू मुस्लिम के बीच जो विवाद खड़े किये जा रहे हैं वो सब सुनियोजित चाल है जिसके तहत मस्जिद और मंदिर के मुद्दे उठाये जा रहे हैं।
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम में कहा कि ाज्ञानवापी मस्जिद का अपना एक इतिहास है। उसको अनदेखा नहीं कहा जा सकता है। हमें हर मस्जिद में मंदिर या शिवलिंग नहीं निकालना चाहिये। अयोध्या के रामलला मंदिर पर हमारी विशेष आस्था थी उसके लिये हमने आन्दोलन किया और उसे पा कर ही रहे। लेकिन काशी मथुरा और ज्ञानवापी मस्जिद हमारे एजेंडे में नहीं हैं। हम उसके लिये कोई आंदोलन नहीं करने वाले हैं। सभी विवादित स्थलों के लिये दोनों संप्रदायों के लिये आपसी सहमति के आधार पर अदालती फैसले को मान्यता दी जाये। शायद मोहन भागवत ने यह बयान इस लिये दिया कि मामला बहुत गहरा गया है तो ऐसा बयान दे कर मुस्लिम वर्ग को थोड़ा हीलिंग टच देने का प्रयास किया गया। या इसे यूं भी समझा जा सकता है कि चोर से कहे चोरी कर और शाह से कहे जागता रहे।








