#MyViews#Mybios#Memoories#Authorpage@LitratureNews#Storyteller#LucknowJournalism#
बात उन दिनों की है ..-
गुड्डी की तीन बहनों ने एक के बाद एक अपने पसंद के लोगों के साथ रिश्ता कायम कर लिया। दो बड़ी बहनों के बाद सबसे छोटी बहन ने भी इंटर करने के बाद ही एक शादी शुदा आदमी से रिश्ता जोड़ लिया। इंटर की आखिरी परीक्षा दिन वो दो दिनों तक घर नहीं आयी। तीसरे दिन आयी तो उसके हाव भाव ही बदले दिखे। उसके गायब होने पर भी उनके माता पिता को इस बात की सर्दी गर्मी नहीं थी कि उनकी जवान बेटी दो दिनों तक गायब रही। सब कुछ सामान्य रहा किसी के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। ऐसा लग रहा था कि सब कुछ उनकी सहमति से हो रहा है। दो दिन बाद जब लड़की घर आयी तो किसी प्रकार का सवाल जवाब नहीं हुआ। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी उसके वापस आने पर प्रतिवाद नहीं किया। आमतौर पर लोग आसमान सिर पर उठा लेते हैं लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। अड़ोस पड़ोस वाले गुड्डी के घर वालों के प्रति हैरानी जता रहे थे। कुछ लोगों ने तो यहां तक कह डाला कि कैसे घर वाले हैं कि लड़की दो दिनों तक घर से बाहर रही और मां बाप मुंह में ताला लगाये बैठे हैं। इस प्रकार गुड!डी की तीन बहनों ने ऐसे ही रिश्ते बना लिये जिसे समाज में अवैध कहा जाता है।
गुड्डी के बड़े भाई भी पास की ही एक गैरजाति की लड़की के साथ इश्क लड़ा बैठे। चूंकि मामला बिल्कुल करीब का था इससे आपसी संबंध बहुत ज्यादा कटु हो गये। हुआ कि गुडडी के साथ ही पास की ही एक लड़की की खासी दोस्ती थी। वो दोनों ही एक दूसरे के घर आया जाया करती थी। रोज रोज की मुलाकातों से गुड्डी की सहेली और भाई के बीच दोस्ती हो गयी। इससे गुड्डी के भाई और उसकी लड़की के बीच कब प्यार हो गया पता ही नहीं चला। कहते हैं कि इश्क और मुश्क छुपाये नहीं छुपते हैं। दोनों के प्रेम के किस्से पूरे मोहल्ले मे गूंजने लगे। पहले लोग इशारे इशारों में बात करते बाद में खुलकर चर्चा करने लगे। जब सहेली के घर वालों को इस किस्से का पता चला तो उन्होंने इस सख्ती की और दोनों के मिलने पर पाबंदी लगा दी। ये तो तो हर किसी को मालूम है कि पाबंदी लगने पर प्रेमी युगल मिलने के लिये किसी भी हद तक जा सकते हैं। हुआ भी यही दोनों ही घर वालों से झूठ बोल कर बहाना बना कर किसी भी तरह मिलने का मौका ढ़ूढ ही लेते थी। यह मामला लगभग साल भर चला। लड़की ने किसी तरह इंटर किया और पास की ही किसी कंपनी में काम करने लगी। उसी कंपनी में गुड्डी का भाइ भी काम करता था। उसी ने कह सुन कर अपनी प्रेमिका का भी जॉब लगवा लिया। इस बहाने वो कारखाने में एक दूसरे के सामने रह कर अपने प्रेम की पेंगें मारने में सफल रहे। लेकिन यह बात भी सही है कि प्यार की राह में अनेक रोड़े आते हैं। हुआ यूं किसी ने प्रेमी युगल को एक साथ कारखाने से घर आते देख लिया और सहली का घर से बाहर निकलने पर रोक लग गयी। इन हालातों में प्रेमी युगल मिलने को तरस कर रह जाता लेकिन लड़की के घर वालों की सख्ती के कारण मुलाकात संभव नहीं हो पा रही थी। गुड्डी के घर वाले तो इस प्रेम संबंध के न तो पक्ष में थे और नह ही विरोध में लेकिन लड़की के घर वाले इस प्रेम संबंध के बिल्कुल खिलाफ थे। प्रेम संबंध उजागर होने के बाद चारों भाई अपनी बहन की पूरी चौकसी के साथ निगरानी करने लगे थे।
किसी तरह से एक साल बीत गया। इस बीच लड़की ने बीए का प्राइवेट फार्म भर दिया। साल भर निगरानी करते करते सभी उकता गये। इस बात का फायदा बहन और गुड्डी के भाई ने उठाया। आखिरी पेपर वाले दिन प्रेमी युगल ने प्लान बना कर मंदिर में शादी कर ली। गुड्डी का भाई अपने बहू बना कर सहेली को घर ले आया। इस बात की जानकरी जब सहेली के घर वालों को हुई तो काफी हो हल्ला हुआ। ये भी हुआ कि पुलिस के पास जा कर लड़क और उसके घर वालों के खिलाफ मामला दर्ज करायेंगे। लोगों ने समझाया कि अब कुछ भी करने से पहले वाली बात नहीं हो पायेगी। लड़की बालिग है और उसकी मर्जी से विवाह हुआ है अत: जो हो गया सो हो गया। संबंध रखना है तो रखो वर्ना चुपचाप अपने जीवन को सामान्य करने में ही सबकी भलाई है। इस प्रकार गुड्डी के भाई की विवाह रसम अदायगी हो गयी।








