Kejriwal asked PM Modi's Digree from CIC but Gujrat High Court stopped CIC order & imposed 25 thousand penalty on Cm Kejriwal
Kejriwal asked PM Modi's Digree from CIC but Gujrat High Court stopped CIC order & imposed 25 thousand penalty on Cm Kejriwal

# Aam Admi Party# MP Sanjay Singh# Dy. CM Manish Sisodia# Investigating Agencies# Modi & Shah# Modi Govt.# CM Kejriwal# Delhi Govt.# Delhi Courts# Supreme Court#

आखिर जांच एजेंसियों के निशाने पर विपक्षी ही क्यों
ईडी और सीबीआई के निशाने पर आम आदमी पार्टी है। सबसे पहले आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार के मं​त्रियों को निशाने पर रखा है। अब तक तीन मंत्री सतेंद्र जैन, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सीबीआई और ईडी ने मनीलांड्रिंग के मामलों में फंसा कर जेल के पीछे पहुंचा दिया है। अब ईडी का अगला शिकार दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीाल हैं। उन्हें भी ईडी दिल्ली शराब आबकारी नीति घोटाले में आरोपी बनाया है। दिलचस्प बात यह है कि आज तक इस मामले में ईडी ने एक भी रुपया बरामद नहीं किया है। पिछले एक डेढ़ साल से आम आदमी पार्टी के नेताओं और मंत्रियों को जेल में भेजा गया है। इन नेताओं की जमानतें भी नहीं होने दी जा रही हैं। ऐसा लग रहा है कि सत्ता के आगे आदलतें भी न्याय करने में कोताही बरत रही हैं। चर्चा है कि भाजपा और मोदी शाह आम आदमी पार्टी को खत्म करने की साजिश कर रही हैं।
भजपा को अपने वजूद और चुनावी हार का खतरा
राजनीतिक वजूद जब संकट में दिखता है तो लोगों का विवेक सबसे पहले साथ छोड़ता है। वर्तमान में वही हाल पीएम मोदी और अमित शाह का हो गया है। वो अपने हर राजनीतिक दुश्मन को कानूनी दांव पेंच फंसाने की साजिश रची जा रही है। शायद उन्हें इस बात का इल्म नहीं कि जनता अब सब जान गयी है कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी दलों के नेताओं को डराने के लिये किया जा रहा है। जैसे जैसे ये जांच एजेसियों की साजिशें बढ़ती जा रही है, वैसे वैसे साजिश के शिकार हो रहे नेताओं की छवि जनता में और भी अच्छी हो रही है। यह बात शीशे की तरह साफ है कि मोदी और शाह को 2024 में अपनी हार दिखने लगी है। उसी बौखलाहट और छटपटाहट में मोदी सरकार तानाशाही करने पर उतारू हो गयी है। सभी जांच एजेंसियों को इंडिया गठबंधन के नेताओं के पीछे लगा दिया गया है।
केजरीवाल से भाजपा को दिल्ली में सबसे अधिक खतरा
पिछले आठ नौ से आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार से आम आदमी काफी संतुष्ट दिख रहा है। यही वजह है कि तीसरी बार दिल्ली में जनता ने अरविंद केजरीवाल को सीएम के रूप में चुना है। चार बार भाजपा को आम आदमी पार्टी ने धूल चटायी है। मोदी और शाह ने दिल्ली में सरकार बनाने के लिये गली मोहल्ले तक मंत्रियों सांसदों को धूल फंकने पर मजबूर कर दिया लेकिन जनता ने आम आदमी पार्टी और केजरीवाल पर ही विश्वास जताया है। पहली बार आम जनता को सरकार की नीतियों और योजनाओं से सीधा लाभ मिला है। लोगों को आम आदमी पार्टी से काफी उम्मीदें हैं। कुछ का मानना है कि दिल्ली में भाजपा का सूपड़ा साफ ही रहेगा। लोगों को मानना है कि दिल्ली में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दिल्ली पर राज किया है लेकिन जनता पहली बार सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रही है चाहे वो ​डीटीसी बस में महिलाओं फ्री यात्रा हो या मोहल्ला क्लीनिक, सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा की व्यवस्था का लाभ दिल्लीवासियों को मिला है। इन सब योजनाओं को मोदी सरकार हर संभव अड़चन डालने की साजिशें रचने का काम करती है। इस बात को दिल्लीवासी समझ गये हैं।

kejriwal and rahul
Rahul Gandhi And Arvind kejriwal is playing key role in new formed INDIA alliance to strong opposition against PM  NDA

गुजरात लॉबी आप से डरी और बौखलायी
दिल्ली में चार बार भाजपा को केजरीवाल की पार्टी से करारी हार मिली है। इस बात के मोदी शाह बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। 2014 में नरेंद्र मोदी पीएम बने तो शाह को दिल्ली फतेह करने की जिम्मेदारी सौंपी। शाह ने एड़ी चोट का जोर लगा दिया। उनकी पार्टी को तोड़ने को साजिशें रचीं लेकिन वो नेताओं और विधायको को तोड़ने सफल नहीं हुए। 2015 में एक बार फिर मोदी शाह ने जब दिल्ली में कब्जा करने की योजना बनायी तो आप ने इतिहास रचते हुए कांग्रेस और भाजपा को करारी मात देते हुए 70 सीटों में 67 सीटें जीत कर प्रचंड बहुमत वाली सरकार बनायी। इससे एक बार फिर मोदी शाह को जिल्लत झेलनी पड़ी।

Modi Govt. is not serious about common Men problems Modi govt is busy in elections for capture powerin various states
Modi & Shah are so cautious for General elections in Next year So both are busy to hunt opposition leaders

2022 में आप ने मोदी शाह के गढ़ गुजरात में विधानसभा चुनाव लड़ा और वहां पांच सीटें निकालीं। इससे भाजपा और मोदी शाह को भारी झटका लगा। पिछले साल ही ​एमसीडी में भाजपा को छठी का दूध याद दिलाते हुए अपनी सत्ता कायम की। पिछले 15 साल से वहां बीजेपी की सत्ता थी। इतना ही नहीं 2022 में ही आम आदमी पार्टी ने पंजाब में तहलका मचाते हुए अकाली और कांग्रेस को औकात दिखा दी। पंजाब में वैसे भी भाजपा अकाली दल के सहारे ही राजनीति करती है। वहां भाजपा का कोई जनाधार नहीं है। अरविंद केजरीवाल की पार्टी आप अब क्षेत्रीय पार्टी नहीं रह गयी है। उसके तीन राज्यों में विधायक हैं साथ ही पंजाब में उसकी प्रचंड बहुमत की सरकार है। ये भी एक प्रमुख कारण है कि भाजपा उसे पचा नहीं पा रही है। इंडिया गठबंधन में केजरीवाल की बढ़ती लोकप्रियता और स्वीकारता से भाजपा की नींदें उड़ा रखी हैं।

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