शाह के बयानों पर लोग कर रहे हैं ईवीएम की चर्चा
नयी दिल्ली। अब कुछ घंटे ही शेष रह गये हैं दिल्ली में वोटिंग के लिये। सार्वजनिक रूप से राजनीतिक दल जनसभा या प्रचार तो नहीं कर सकेंगे, लेकिन उम्मीदवार आचार संहिता को ध्यान में रख कर जनता के बीच जा कर अपने लिये वोट की अपील कर सकते हैं। ऐसे में यह चर्चा भी शुरू हो गयी है कि सत्ताधारी दल लोगों को रिझाने के लिये पैसे और शराब का सहारा ले रहे हैं। इसके अलावा जनता के बीच इस बात की सुगबुगरहट सुनने में आ रही है कि बीजेपी चुनाव जीतने के लिये किसी भी हद तक जा सकती है। इसके लिये सत्ताधारी दल ईवीएम का सहारा भी ले सकती है।
इस मामले में आप नेता और सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने ट्वीट कर यह शंका जतायी है कि चुनाव में इस्तेमाल हो रही वोटिंग मशीन से छेड़छाड़ हो सकती है। इस तरह की बातें यूपी, उत्तराखंड समेत कई प्रदेश के विधानसभा चुनावों के दौरान किया जा चुका है। प्रशांत भूषण ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान मोदी सरकार में गृहमंत्री अमित शाह ने यह कह कर सबको चेतावनी दी थी कि 11 फरवरी को जब चुनाव का परिणाम आयेगा तो विरोधी पार्टियों को जबरदस्त झटका लगेगा। यह चुनाव अब दो दलों का नहीं बल्कि दो विचार धाराओं के बीज जंग है। एक तरफ देशभक्तों की टोली बीजेपी है तो दूसरी ओर आप और कांग्रेस हैं जो कहती हैं कि शाहीन बाग में देशद्रोहियों का समर्थन किया जा रहा है। इस बात से ऐसा लग रहा है कि शाह को शायद कुछ ऐसा पता है जो विरोधी दलों को मालूम नहीं है। वैसे आम तौर यह चर्चा चल रही है दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की हार हो रही है। दिल्ली में एक बार फिर से आम आदमी पार्टी की सरकार बनने जा रही है।








