सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद से बॉलीवुड और म्यूजिक इंडस्ट्री में नेपोटिज़्म वगैरह के विषयों पर बहस तेज हो गई है. कई सितारों ने इस मुद्दे पर अपनी बात भी रखी है. इसी सिलसिले में लोकप्रिय रैपर रफ्तार का मानना है कि पैसे और शारीरिक शक्ति की ताकत उन लोगों को डराने के लिए काफी है जो म्यूजिक बिजनेस में नए आए हैं.

रफ्तार ने कहा, “याद रखें कि सच्ची शक्ति प्रशंसकों के हाथों में होती है. शरीर और धन की शक्ति किसी ऐसे व्यक्ति को डराने के लिए अच्छा तरीका हो सकती हैं, जो म्यूजिक इण्डस्ट्री में नया है लेकिन असली प्रतिभा हमेशा चमकती रहेगी.”

‘ऑल ब्लैक’, ‘स्वैग मेरा देसी’ और ‘तो ढिशूम’ रैप के लिए मशहूर रफ्तार ने नेपोटिज्म पर कहा, “हमें इस पूरे इनसाइडर-आउटसाइडर बहस को रोकने की जरूरत है. हमें असली प्रतिभा को तलाशने की और उसे मौका देने की जरूर है फिर चाहे वह इनसाइडर हो या आउटसाइडर. हां, पश्चिम दुनिया के विपरीत भारत में पक्षपात और भाई-भतीजावाद है और हमें इसे जड़ से मिटाना होगा.”

उन्होंने आगे कहा, “जिस दिन हम कलाकारों को उनके सोशल मीडिया स्टेटस या उन्हें मिले बड़े अवॉर्डस या प्रोजेक्ट के आधार पर जज करना छोड़ देंगे उस दिन पक्षपात का यह पूरा सिस्टम खत्म हो जाएगा. कलाकारों की यह पीढ़ी अपनी क्षमता, अधिकार और व्यावसायिक मूल्यों को लेकर समझदार है. इसीलिए भाई-भतीजावाद और पक्षपात के पूरे आंदोलन को दर्शक मिल गए हैं, वरना पहले ये चीजें लोगों को पता ही नहीं चलती थीं.” रफ्तार को फिलहाल ‘एमटीवी रोडीज रिवॉल्यूशन’ में देखा जा रहा है.



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