केंद्र सरकार ने प्राइवेट बैंकों पर सरकारी काम-काज करने पर लगा प्रतिबंध हटा लिया है। इससे सरकार की सामाजिक कल्याण की योजनाओं का दायरा बढ़ेगा और ग्राहकों की सुविधा भी बढ़ेगी। प्राइवेट बैंकों पर सरकारी कामकाज करने का प्रतिबंध हट जाने से सरकार से जुड़े बैंकिंग लेनदेन जैसे टैक्स इकट्ठा करने, राजस्व से जुड़े लेनदेन, पेंशन भुगतान और किसान बचत पत्र जैसी लघु बचत योजनाओं में भी प्राइवेट बैंकों के जरिये निवेश किया जा सकेगा।
Embargo lifted on grant of Govt business to private banks. All banks can now participate. Private banks can now be equal partners in development of the Indian economy, furthering Govt’s social sector initiatives, and enhancing customer convenience. @FinMinIndia @DFS_India
— NSitharamanOffice (@nsitharamanoffc) February 24, 2021
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को ट्वीट कर कहा, प्राइवेट बैंक अब भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में सरकारी बैंकों के बराबर के साझेदार बन सकते हैं। वहीं आरबीआई आने वाले समय में किसी अन्य सरकारी कामकाज के परिचालन की इजाजत भी प्राइवेट बैंकों को दे सकेगा।
Govt of India has lifted embargo on private sector banks (only a few were permitted earlier) for conduct of govt-related banking transactions such taxes & other revenue payment facilities, pension payments & small savings: Department of Financial Services pic.twitter.com/nqnlvC03KU
— ANI (@ANI) February 24, 2021
एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है, “निजी क्षेत्र के बैंक, जो बैंकिंग में नवीनतम तकनीक और नवाचार को लागू करने और कार्यान्वित करने में सबसे आगे हैं, अब भारतीय एकोन्मी के विकास में समान भागीदार होंगे।”







