कुछ दिनों पहले कामेडियन भारती सिंह और उसके पति हर्ष को चरस रखने के आरोप में नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन एक दिन बाद ही दोनों की बंबई हाईकोर्ट से जमानत हो गयी थी। कुछ दिनों के बाद एनसीबी ने अपने उन दो अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया जिन्होंने भारती हर्ष खिलाफ कार्रवाई करतेे हुए उन्हें हिरासत में लिया था। अधिकारियों ने भारती हर्ष के घर से लगभग 87 ग्राम चरस बरामद की थी। दोनों ने ही इस बात को स्वीकार किया कि वो दोनों ही नशीले पदार्थ चरस का उपयोग करते हैं।
इससे पहले एनसीबी ने ऐक्ट्रैस रिया चक्रवर्ती और उसके भाई शोविक चक्रवर्ती को ड्रग संबंधी मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों के पास से किसी भी प्रकार की नशीला पदार्थ नहीं बरामद हुआ। लेकिन कुछ मीडिया हाउस इस बात पर तुल गये कि वो दोनों ड्रग्स के धंधे में शामिल हैं। इससे पहले रिया और उसके परिवार को ऐक्टर सुशांत सिंह राजपूत की हत्या में फंसाने का प्रयास किया।
बहुत सारे टीवी चैनल बुरी तरह रिया और उसके परिवार को एसएसआर की हत्या का दोषी मान कर समाज में उसे बदनाम करने का काम कर रहा था। लेकिन इसके विपरीत रिया चक्रवर्ती को सुप्रीम कोर्ट ने बेगुनाह मानते हुए रिहाई के आदेश दिये। यह बात दीगर है कि बेकसूर होते हुए भी रिया को जेल की सलाखों के पीछे रहना पड़ा। बाद में उसके भाई को भी बंबई हाइ कोर्ट जमानत मिल गयी। इस बीच मीडिया का असली चेहरा सामने आ गया कि वो पत्रकारिता नहीं बल्कि चाटुकारिता कर रहा है। अदालत की ओर से भी मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्हें दायरे में रह कर काम करने का निर्देश दिया। यह भी कहा कि आपको यह अधिकार किसने दे दिया कि संदिग्ध लोगों को दोषी बनाने के साथ सजा देने का काम करें।
साजिद नाडियाड वाला के घर एनसीबी की टीम ने रेड की और वहां से नशीला पदाथ्ज्र्ञ बरामद करने का दावा किया इतना ही नहीं नाडियाड वाला के घर में न रहने पर उनकी पत्नी शबाना को हिरासत में लेकर पुलिस थाना ले गयी। बाद में उनको वहां से जेल भेज दिया गया।
भारती सिंह के बारे में यह भी चर्चा है कि उन्होंने 2019 में बीजेपी के लिये आम चुनाव में बाकायदा प्रचार भी किया था। हर्ष के बारे में यह भी मालूम चला कि उसने पीएम मोदी की बायोपिक की पटकथा लिखी थी। यह भी चर्चा है कि एनसीबी के उन दो अधिकारियों को संस्पेंड भी दबाव के चलते किया गया है।
इससे पहले ड्रग्स रखने व उपयोग करने के संबंध में एनसीबी ने फिल्म उद्योग के कई नामी गिरामी लागों को पूछ ताछ के लिये अपने कार्यालय में बुलाया था। यह भी प्रयास किया गया कि बुलाये लोगों पर यह दबाव बनाया कि वो करण जौहर का नाम लें लेकिन यह संभव नहीं हो सका। एनसीबी के अधिकारियों ने पूछताछ के लिये सारा अली खान,दीपिका पादुकोण समेत अनेक नामचीन फिल्मी हस्तियों को समन किया। लेकिन इनके खिलाफ किसी प्रकार के सबूत न मिलने पर उन्हें छोड़ दिया गया।








