बिहार विधानसभा चुनाव हुए एक माह का समय बीत चुका है। भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व ने एनडीए के गठन में कुछ फेरबदल करने का मूड बना लिया है। यह कयास लगाया जा रहा है कि जल्द ही लोजपा को एनडीए से बाहर किया जा सकता है। इसी क्रम में बिहार के सीएम और जेडीयू सुप्रीमो नितीश कुमार ने अपने को मजबूत करने का प्रयास शुरू कर दिया और इस क्रम में उन्होंने रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाह के साथ मुलाकात की है। यह भी संभव है कि उपेंद्र कुशवाह के साथ सहयोग ले प्रदेश में जेडीयू का प्रभाव बढाने का काम कर सकते हैं। उपेंद्र कुशवाह भी इस बात का फायदा उठा कर बिहार सरकार में जगह बना सकते हैं। नितीश का यह प्रयास होगा कि एनडीए से लोजपा को बाहर कर रालोसपा को घटक दल बनवा दें।
बिहार चुनाव में लोजपा ने जेडीयू और नितीश कुमार के खिलाफ जमकर प्रचार—प्रहार किया था। इसका परिणाम यह हुआ कि जेडीयू को लगभग 22 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। उनकी भूमिका बड़े भाई से छोटे भाई में तब्दील हो गयी है। इससे नितीश कुमार को चिराग पासवान फूटी आंख नहीं सुहा रहे हैं। जब राज्यसभा सीट की बात चली तो चिराग पासवान ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री रामबिलास पासवान की पत्नी रीना पासवान का नाम बीजेपी के सामने रखा था। चिराग पासवान की उम्मीद थी कि मोदी रीना पासवान के नाम पर राजी हो जायेंगे। लेकिन बिहार विधान सभा चुनाव के दौरान बीजेपी के दिग्गज नेताओं ने चिराग पासवान की पार्टी को वोट कटुवा तक कह डाला था। ऐसे में चिराग के प्रस्ताव पर बीजेपी अपनी रजामंदी नहीं दे सकती थी। इसलिये बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी का नाम फाइनल किया गया।








chirag paswan to ek navyuvak leader hai ye rjd se hath mela le to vo bjp ko hi bahar kar dega