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MP Byelection 2020-Who would be next CM

लगभग दो माह बाद मध्यप्रदेश में विधानसभा 27 सीटों पर उप चुनाव होने है। इस उपचुनाव में 22 कांग्रेस के बागी विधायकों की अग्निपरीक्षा है जिन्होंने अपनी पार्टी से बगावत कर भाजपा का समर्थन दिया था। इसके चलते प्रदेश में कमलनाथ सरकार को सत्ता से हाथ धोना पड़ा और एक बार फिर बीजेपी की शिवराज सरकार बन गयी। अब उन सभी 27 सीटों पर उपचुनाव अक्टूबर में होने की बात तय है।
ठीक होली के पास कांग्रेस के दो दर्जन के करीब विधायकों ने अपने चहेते नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के इशारे पर पार्टी से इस्तीफा देते हुए कमलनाथ सरकार को गिरवा दिया और चौथी बार शिवराज प्रदेश में सीएम बन गये। दिलचस्प बात यह है कि सरकार को अपने विधायकों के बागी होन का पता भी नहीं चला और वो भोपाल से कर्नाटक पहुंच गये। कमलनाथ ने अंतिम क्षणों तक यही कहा कि वो अपने रूठे विधायकों को मना लेंगे लेकिन उनके बागी विधायक टस से मस नहीं हुए और अपने आका के कहने पर बीजेपी में शामिल हो गये। लगभग एक दर्ज लोगों को मंत्रिमंडल में जगह भी मिल गयी है। इन सभी बागी विधायकों और सरकार में बने मंत्रियों को अपनी साख बचाने के लिये जनता के सामने एक बार फिर जाना पड़ेगा और जीत कर विधायक बनना होगा। सवाल यह उठता है कि पिछली बार वो कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे जनता ने उन्हें कांग्रेस का विधायक पांच साल के लिये चुना था। लेकिन डेढ़ साल में ही इन विधायकों ने पार्टी बदल ली और एक बार फिर चुनाव के मैदान में उतर गये है लेकिन इस बार वो भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने जा रहे हैं। पिछली बार जनता तो उन्हें भाजपा के खिलाफ और कांग्रेस के पक्ष में चुना था।
लेकिन इन लोगों ने अपने फायदे के लिये अपनी पार्टी से गद्दारी करते हुए कांग्रेस की सरकार गिरवा दी। ऐसे में इन सभी विधायकों का पूर्व विधानसभा क्षेत्रों से जीत कर विधायक बनना काफी टेढ़ी खीर साबित हो सकता है। वहीं कांग्रेस व पूर्व सीएम कमलनाथ ने ऐलानिया यह कह दिया है कि भाजपा की शिवराज सरकार चंद माह की मेहमान हे। एक बार फिर कांग्रेस की सरकार प्रदेश में बनने वाली है। प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ता भी काफी जोश से प्रचार में जुटे हुए हैं।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस से भाजपा में आये ज्योतिरादित्य सिंधिया और शिवराज भी पूरी तरह से सक्रिय हैं और अपनी सरकार का दम भर रहे हैं। वैसे कांग्रेस ने बागी विधायकों और उनके नेता ज्योतिरादित्य की छवि एक विश्वासघाती के रूप में प्रचारित की है। साथ ही कांग्रेस के नेता इस बात को अपने भाषणों में फैला रहे हैं कि जब देश में कोरोना का प्रकोप फैल रहा है तो केन्द्र सरकार और मध्यप्रदेश बीजेपी के नेता अपनी सरकार बनाने की साजिश रच रहे थे। सरकार में आने के लिये कांग्रेस विधायकों की खरीदफरोख्त की। इस प्रकार दोनों दल एक दूसरे को नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है।

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