पीएम केयर्स फंड को लेकर कांग्रेस व अन्य विपक्षी दल मोदी सरकार पर हमलावर थे। यह भी कहा जा रहा था कि जब पहले से ही पीएमडिजास्टर रिलीफ फंड था तो एक नया पीएम केयर्स फंड बनाने की क्या जरूरत थी। साथ ही इस नये फंड की जानकारी भी नहीं दी जा रही है इसके इतना पर्देदारी क्यों की जा रही है। इस बात को लेकर ही बीजेपी चीफ जेपी नड्डा ने हाल ही में यह बयान दिया था कि पीएम केयर्स फंड से 60 हजार वेंटिलेटर सभी राज्यों को मिल जायेंगे। लेकिन पीएमओ के एक ताजा पत्र ने नड्डा के वादोंकी की पोल खोल दी है।
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 2 दिन पहले ही कहा था कि एक हफ़्ते के भीतर पीएम केयर्स से 60 हज़ार वेंटीलेटर राज्यों को मिल जाएंगे।
अभी थोड़ी देर पहले प्रधानमंत्री कार्यालय ने बयान जारी कर बताया है कि अभी तक महज़ 2923 ही बन पाए हैं। (कागज़ देखें)
जून के आखिर तक 14000 वेंटीलेटर बनाने का दावा है। जब एक महीने में 2923 वेंटीलेटर ही बन पाए तो अगले एक हफ़्ते में 7 गुना कैसे बना लेंगे?
लेकिन सबसे बड़ा सवाल नड्डा के झूठ को लेकर है। जो भी उन्हें झूठ फैलाने को कहता है, वह सबसे बड़ा झूठा है। नाम बताने की ज़रूरत नहीं। (खबर देखिये)
साफ है कि पीएम केयर्स में हो रहे घोटाले को लेकर उठ रहे सवालों से बीजेपी तिलमिलाई हुई है। झूठ पर झूठ बोले जा रहे हैं।
एक बात और। पीएम केयर्स को मोदी सरकार पब्लिक अथॉरिटी नहीं मानती। यहां भी मूर्खता है।
RTI कानून के सेक्शन 2(h)(d) को पढ़ें। (स्क्रीनशॉट नीचे है) पता चलेगा कि चूंकि पीएम केयर्स का गठन खुद सरकार ने किया है, इसलिए वह अपने आप में पब्लिक अथॉरिटी है।
शिकंजा कस रहा है। अब झूठ ज्यादा दिन नहीं टिकेगा।








