बिहार में सभी राजनीतिक दल चुनाव की तैयारी में जुट गयी हैं। भाजपा ओर जनता दल यू और लोजपा मिलकर चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। असंतुष्ट नेता अपनी अपनी सुविधा के अनुसार दल बदल रहे है। बिहार सरकार में मंत्री रहे श्याम रजक 11 साल बाद वापस अपनी पुरानी पार्टी राजद में पहुंच गये है। वहीं राजद के 4 विधायक नितीश की शरण में पहुंच गये हैं। इस तरह राजद को अच्छा खासा झटका लगा है।
बिहार में जेडीयू और बीजेपी मिल कर आरजेडी को एक बड़ा झटका देने के फिराक में है। सुनने में आ रहा है कि लालू प्रसाद के खास लोगों में एक प्रो रघुवंश प्रसाद सिंह आज कल पार्टी से नाराज चल रहे है। इसी वजह से उन्होंने पार्टी के प्रमुख पद से भी इस्तीफा दे दिया है। लेकिन इसके पीछे उन्होंने अपने स्वाथ्य ठीक न रहने का कारण बताया है। लेकिन असलियत यह है कि प्रो सिंह पार्टी की आंतरिक कलह से काफी दुखी बताये जाते हैं। प्रो. रघुवंश प्रसाद सिंह केन्द्रीय मंत्री रह चुके हैं। इतना ही नहीं वो एक प्रखर वक्ता भी हैं। लालू और प्रो.प्रसाद अपने विपक्षी नेताओं की बोलती बंद करने में माहिर रहे हैं। लेकिन जब से लालू प्रसाद जेल गये हैं तब से राजद काफी कमजोर हो गयी है।
यह बात सुनायी दे रही है कि जदयू के कुछ नेता प्रो साहब को अपने पाले में लाने का प्रयास कर रहे है। अगर ऐसा होता है तो राजद को झटका लगेगा ही साथ बीजेपी लोजपा और जेडीयू को मजबूती मिल सकती है। इस चर्चा मे ंकितना दम है क्यों कि प्रो साहब समाजवादी विचरधाराके हैं और लालू के काफी करीबी हैं। बीजेपी और जदयू उनके अपने पाले में इतना आसान नहीं है।








