पिछले तीन चार दिनों से राजस्थान की सियासत में भूचाल देखा जा रहा है। लेकिन आज उसमें बड़ा बदलाव आया है। 13 जुलाई को सीएम अशोक गहलौत ने शक्ति प्रदर्शन कर सबको यह चेता दिया कि उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है। अगले दिन मंगलवार को दोपहर दो बजे के बाद कांग्रेस ने राजस्थान कांग्रेस के डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष सचिन पाइलेट समेत सरकार के दो मंत्रियों विधायकों को पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया है। इस निर्णप पर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि सचिन पाइलेट भाजपा के बिछाये जाल में फंस गये।
अशोक गहलौत ने कहा कि बीजेपी राजस्थान में कर्नाटक, मध्यप्रदेश की तरह राजस्थान में साजिश कर सरकार गिराना चाह रही है। लेकिन यहां की जनता बीजेपी की नस नस से वाकिफ हो गयी है। सत्ता पाने के लिये वो विधायकों को खरीदने का प्रयास कर रहे है। लेकिन राजस्थान में उनकी चाल सफल नहीं है।
पिछले चार दिनों से सचिन पाइलेट अपने समर्थक विधायकों के साथ दिल्ली में डेरा डाले बैठे थे। इससे लगने लगा कि उनकी मंशा राजस्थान की कांग्रेस सरकार को गिराने की साजिश है। कांग्रेस मुख्यालय से राजस्थान रणदीप सिंह सुरजेवाला, अजय माकन और राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडेय रातों रात मामला निपटाने भेेजे गये। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी सचिन पाइलेट व समर्थकों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन बात नहीं बनी। सचिन ने किसी भी नेता से बात करना नहीं पसंद नहीं किया। राहुल गांधी टीम ने भी सचिन से संपर्क करने का प्रयास किया लेेकिन वो भी सचिन और बागी विधायकों को समझाने में सफल नहीं हुए।
सचिन व उनके समर्थक विधायक इस बात पर अड़े हैं कि सीएम गहलौत को हटाने के साथ राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडेय को भी बदला जाये। लेकिन उनकी इन मांगों को दर किनार करते हुए कांग्रेस ने उन्हें और उनके दो खास विधायकों को पद से बर्खास्त कर दिया।








