सुशांत सिंह की मोत के मामले में अब भाजपा और बिहार सरकार खुल कर महाराष्ट्र सरकार के सामने आ गयी हैं। दूसरी तरफ मीडिया ने भी यह तय कर लिया है कि देश भर के मुद्दे जायें भाड़ चूल्हे में चौबीस घंटे सुशांत की मौत पर मातम मनाते हुए उसके परिवार वालों के बयानों और ट्वीट पर स्टोरी चलाते दिख रहे हैं। इन दिनों इस मामले में एक नाम संदीप सिंह और जुड़ गया हैं। टीवी न्यूज के एन्कर बुलंद आवाज में रिया चक्रबर्ती को अपराधी घोषित करने पर तुल गये है। देश के प्रमुख टीवी चैनल तो रिया को ड्रग् एडिक्ट और तस्कर तक बताने से नहीं चूक रही है। अगर मीडिया ही पुलिस ओर न्यायालय का काम करने लगे तो पुलिस, सुरक्षा एजेंसीज और कोट की क्या जरूरत है।
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में एक नई बात सामने आई है।
संदीप सिंह, जिस पर ड्रग्स सप्लाई करने का आरोप है, दरअसल वह बीजेपी से जुड़ा है।
संदीप सिंह वही है, जिसने मोदी का बायोपिक प्रोड्यूस किया था। इस बायोपिक का पोस्टर पूर्व सीएम देवेन्द फडणवीस ने खुद लांच किया था।
क्या भांड़ मीडिया रिया पर कैमरा घुमाने के बजाय बीजेपी और ड्रग माफिया के लिंक की पड़ताल करेगी?
क्या नारकोटिक्स ब्यूरो संदीप सिंह के ड्रग माफिया से रिश्तों की जांच करेगा?
क्या मोदी की बायोपिक का ड्रग माफिया से कोई रिश्ता था?
क्या बीजेपी को ड्रग माफिया से भी चंदा मिलता है?
कहीं इलेक्टोरल बांड के ज़रिए चुनाव में ड्रग माफिया का पैसा तो नहीं लग रहा? सवाल बहुत हैं। पूछने वाले चाहिए।








