कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी नेतृत्व पर सवाल सवाल उठाते हुए यह संकेत दे दिये हैं आगामी पार्टी के अध्यक्ष पद के चुनाव में किसी को भी उम्मीदवार बनने की आजादी मिलनी चाहिये। अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केन्द्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने यह कह कर सनसनी फैला दी है कि कांग्रेस नेतृत्व ने अंदरूनी कलह और समस्याओं पर गौर नहीं किया तो देश से कांग्रेस का नामो निशान मिट जायेगा। देश में कांग्रेस का स्वरूप दिनों दिन खत्म होता जा रहा है। कांग्रेस की हालत आज सबसे ज्यादा खराब है। आज के समय में चुनाव होटलों में बैठ कर नहीं जीते जा सकते हैं। पार्टी के इंटरनल चुनाव में पारदर्शिता बरतने की जरूरत है। राष्ट्रीय अध्यक्ष से ब्लॉक स्तर पर पदाधिकारियों का चुनाव किया जाये। तभी कांग्रेस के दिन अच्छे आयेंगे। इससे पहले पूर्व केन्द्रीय मंत्री और वरिष्ठ चकील कपिल सिब्बल ने उप चुनाव और बिहार विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार पर पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा और कहा कि उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनावों पार्टी ने गंभीरता से नहीं लिया जिससे पार्टी की किरकिरी हो रही है।
जबसे देश में उपचुनाव ओर बिहार के रिजल्ट आये हैं तब से कांग्रेस पर चौतरफा हमले हो रहे हैं। पहले राजद नेता शिवानंद तिवारी ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कांग्रेस को घेरा। इसके बाद बामदलों ने भी कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़ी लेकिन 19 उम्मीदवार ही जीत सके। कांग्रेस की वजह से बिहार में महागठबंधन की सरकार नहीं बनी। मध्यप्रदेश, गुजरात, यूपी,हरियाणा व पंजाब में कांग्रेस का प्रदर्शन काफी लचर रहा है।








