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MP By election 2020-Tug of war statrting in Bjp and Congress

तीन नवंबर को मध्यप्रदेश में विधानसभा की 28 सीटों पर उपचुनाव होना है। पहले ऐसा लग रहा था कि कांग्रेस एक बार फिर से बाजी मार लेगी लेकिन जैसे जैसे उपचुनाव करीब आता जा रहा है वैसे वैसे भाजपा कांग्रेस के विधायकों को लुभाने में सफल हो रही है। हाल ही में कांग्रेस के दो विधायकों को भाजपा ने अपनी पाली में कर लिया है। दोनों विधायकों नं कांग्रस से इस्तीफा दे कर भाजपा का दामन थाम लिया है। अब कांग्रेस के पास केवल 78 विधायक ही रह गये हैं। होली के पास भाजपा ने कांग्रेस नेता व पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर डोरे डाल कर अपनी पार्टी में शामिल कर लिया था। सिंधिया के साथ उनके समर्थक 22 कांग्रेस विधायकों ने भी कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा की शरण ले ली थी।
तभी से कांग्रेस ने भाजपा को सबक सिखाने के लिये उपचुनाव को कमर कस ली थी। केन्द्रीय नेतृत्व के साथ कांग्रेस नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने जमकर पूरे प्रदेश में प्रचार शुरू कर दिया था। इतना ही नहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी मध्यप्रदेश में चुनावी सभाएं की थ्ीं। एक समय लगने लगा था कि कांग्रेस एक बार फिर से मध्यप्रदेश में वापसी करने जा रही है। लेकिन कांग्रेस के लालची और बिकाउ विधायकों ने साबित कर दिया कि वो पैसे के लिये देश से गद्दारी भी कर सकते है। उपचुनाव के ठीक पहले कांग्रेस के दो विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा देते हुए भाजपा का दामन थाम लिया।
इतना ही नहीं चुनाव आयोग ने भी कमलनाथ को स्टार कैंपेनर की लिस्ट से बाहर कर दिया है। आयोग का कहना है कि बार बार चेतावनी देने के बावजूद कमलनाथ निर्देशों को उल्लंघन कर रहे थे। ऐसे में चुनाव प्रचार में कांग्रेस को भी झटका लगा है। प्रदेश में उपचुनाव की कमान कमलनाथ के हाथों में थी। वैसे भी कमलनाथ ने पूर्व मंत्री इमरती देवी पर विवादित टिप्पणी कर चर्चा में आ चुके थे। शिवराज ने सोनिया गांधी को चिटठी लिखकर कमलनाथ पर कार्रवाई करेन की मांग की थी। राहल गांधी ने भी कमलनाथ की इस टिप्पणी पर अपनी नाराजगी जतायी थी।

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