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बात उन दिनों की है
बात उन दिनों की है जब 2012 मैं अपने संघर्ष के दिनों में दिल्ली आ गया था। पहले बेटे का जॉब लगा तो उसे यहां सैटिल करने उसके साथ आया। यह भी चिंता थी कि बेटा कभी परिवार से अलग नहीं रहा है कैसे यहां रहेगा कैसे खाने पीने का इंतेजामात करेगा। वैसे भी वो कद काठी में बिल्कुल बच्चा दिखता था। मैंने सोचा जब लखनऊ छोड़ कर आ ही गये हैं तो काम धंधा भी ढूंढ लिया जाये। उन्हीं दिनों पता चला कि दिल्ली प्रेस में संपादकीय विभाग में कुछ जगह खाली हैं। भाग दौड़ कर अपनी उम्मीदवारी दाखिल कर दी। तब लोगों में ईमेल और डिजिटल अवेयरनेस नहीं थी। यह बताने में भी बिल्कुल शर्म नहीं है कि मैं भी इंटरनेट और आनलाइन कम्यूनिकेशन में उतना सक्षम नहीं था। किसी तरह मैने अपना सीवी आनलाइन सबमिट की उसके बाद ही मुझे दिल्ली प्रेस के एचआर का फोन आया कि नियत स्थन व समय पर फलाने दिन आपको पहुंचना है।
मुझे ये बाद मे पता चला कि भर्तियां दिल्ली आफिस के लिये नहीं हो कर गाजियाबाद आफिस के लिये हैं। मुझे नहीं मालूम था कि गाजियाबाद वाले आफिस में दिल्ली की तरह काम नहीं होता है। मुझे बाकायदा गाजियाबाद के साहिबाबाद में लिखित परीक्षा के लिये बुलाया गया। वहां परीक्षा देने मेरे अलावा पांच सात और लोग भी टैस्ट देने आये थे। यह टैस्ट लगभग दो घंटे चला। टैस्ट में कुछ सामान्य ज्ञान के प्रश्न थे। कुछ रामायाण और महाभारत के पात्रों पर सवाल थे। कुछ विषय दिये गये थे जिनपर पांच सात सौ शब्दों का लेख लिखना था। टाइटल अब मुझे याद नहीं है। खैर मैंने टैस्ट दिया और यह उम्मीद कर रहा था कि मेरा चयन तो हो जाना चाहिये। लेकिन कहते हैं कि जब वक्त खराब होता है तो ऊंट पर बैठे आदमी को भी कुत्ता काट लेता है।
एच आर विभाग से यह बताया गया कि टैस्ट का रिजल्ट दो तीन दिनों में आयेगा उसकी जानकारी आपको दे दी जायेगी। मन में जो जोश था उस पर पानी सा फिर गया। खैर मैं गाजियाबाद में रह कर वापस लखनऊ आ गया। लगभग पूरा जुलाई का महीना बीत गया ऐसी कोई सूचना दिल्ली प्रेस से नहीं मिली। आखिरी दिनों में फोन कर के बताया गया कि आपको एक बार फिर इंटरव्यू के लिये गाजियाबाद आना होगा। अगस्त माह के पहले सप्ताह मे में एक बार फिर नोयडा पहुंच गया क्यों कि बेटा वहीं रह कर नौकरी कर रहा था वहीं से गाजियाबाद साहिबाबाद वहां से दस बारह किमी था। वहां से दो जगह आटो बदल कर साहिबाबाद आफिस 9 बजे पहुंचना होता था। नियत समय पर दिल्ली प्रेस के साहिबाबाद आफिस में मैं पहुंच गया। लगभग साराी स्टाफ 9.30 तक पहुंच गया था। एचआर एक महिला थीं उन्होंने मेरे सारे कागजात देखे और कुछ कागजात जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड व पासपोर्ट साइज की 4 फोटो मांगीं आदि थी। यह पहला वाकया थी कि नौकरी में इतने सारे कागजात और खानापूरी की गयी थी। इतना सब कुछ होने के बाद हमें एचआर प्रबंधक ने बताया कि 11 अगस्त को आपका फाइनल इंटरव्यू बड़े सर राकेश नाथ जी लेंगे।
11 अगस्त की सुबह 10 बजे तक मैं नोयडा से दिल्ली आफिस के झण्डेवालान आफिस पहुंच गया था। मुझे यह बताया गया था कि आप ठीक समय पर आफिस जरूर पहुंच जाना है। वर्ना इंटरव्यू नहीं होगा। राकेश नाथ जी समय के बड़े पाबंद थे। पूरा आफिस टाइम के मामले में काफी सतर्क रहता थां। एक बात तो बिल्कुल साफ थी कि हर काम बड़े ही सिस्टमैटिक था। सभी लोगों को 9.40 तक हर हाल में पहुंचना होता था। या यूं कहा जाये कि मीडिया वाला वहां कोई माहौल नहीं नजर आया। हर कोई अपनी अपनी सीट पर नियमित तौर तरीके से काम में जुटा रहता था। चूंकि मैं तो नियत समय पर ही दिल्ली प्रेस कार्यालय पहुंच गया था लेकिन राकेश नाथ जी अपने नियत समय 11 बजे कार्यालय पहुंचे और सीधे अपने केबिन में पहुंच गये। दस मिनट के बाद मुझे रिसेप्शनिस्ट ने बताया कि आपको सर ने इंटरव्यू के लिये केबिन में बुलाया है। मैं अपनी कागजात वाली फाइल बगल में दबाये राकेश नाथ जी के केबिन में अनुमति लेकर प्रवेश कर गया।
कक्ष बहुत ही शानदार और सुसज्जित था। सामने ही राकेश नाथ जी गंभीर मुद्रा में बैठे थे। इससे यह एहसास था कि बातचीत बहुत ही गंभीर और सीमित होने वाली है। उन्होने इशारे से सामने पड़ी कुर्सी पर बैठने का इशारा किया। उनके व्यक्तित्व से मैं काफी प्रभावित हो चुका था। मैंने अपने कागजातों की फाइल उनके सामने रख दी। उन्होंने बहुत ही गंभीरता से उस फाइल को एक बार गहरी नजर से देखा और फिर सीधे मुझसे पूछा कि आप हमारे यहां क्यों काम करना चाहते हैं। क्या आप लखनऊ से यहां शिफ्ट होने को तैयार हैं। मुझे लगा कि शायद वो मुझसे पिछले कामका के बारे में पूछताछ करेंगे। लेकिन उन्होंने मेरे से इस संबंध में कोई सवाल नहीं किया। इसके बाद उन्होंने मेरे से परिवार के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मुझे चाय पीने को कहा। पांच मिनट में चाय पी गयी इस दौरान उन्होंने मेरे से कोई बात नहीं की। में भी चुपचाप चाय सुड़कता रहा। उन्होंने का कि आपको आफिस कब ज्वाइन करना है सूचना मिल जायेगी।

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