दिल्ली के शनिधाम मंदिर में लॉकडाउन के दौरान पूजा-पाठ करवाने क मामले में दाती महराज को गिरफ्तार किया गया है। उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि इलाके डीसीपी अतुल ठाकुर ने की है। दाती महराज पर मंदिर में भीड़ जुटाकर सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों की धज्जियां उड़ाने का आरोप है। हालांकि, न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक दाती महाराज को जमानत भी मिल गई है।
लॉकडाउन के नियमों की अनदेखी करते हुए उन्होंने सैकड़ों लोगों के लिए मंदिर के दरवाजे खोले दिए थे। इस आयोजन का वीडियो वायरल होने पर उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस ने आपदा प्रबंधन ऐक्ट और महामारी ऐक्ट के तहत केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी थी।
कुछ लोगों के साथ स्वयंभू धर्मगुरु जिसमें वृद्ध व्यक्ति और बच्चे शामिल थे, उन्हें ‘शनि जयंती’ के अवसर पर मंदिर में पूजा करते देखा गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सामने आया।
Daati Maharaj granted bail after being arrested today in connection with the opening of Shani Dham temple in Mehrauli amid #LockDown. He was arrested under sections 188 & 34 of the IPC, 54B of DDMA Act, & Section 3 of Epidemic Diseases Act: Atul Thakur, DCP (South Delhi)
— ANI (@ANI) May 27, 2020
एक वीडियो में, कुछ बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को सोशल डिस्टेंसिंग के सभी नियमों का उल्लंघन करते हुए लॉकडाउन के बीच मंदिर में पूजा करते हुए देखा गया था। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता था कि इस दौरान लोग मास्क भी नहीं पहने हुए थे। हालांकि वो वीडियो सही था या नहीं पुलिस इसकी जांच में जुटी थी।
गौरतलब है कि इससे पहले इसी साल मार्च में, दिल्ली हाईकोर्ट ने दाती महाराज और अन्य को बलात्कार के एक मामले में अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग करने वाली सीबीआई याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा था। जनवरी में एक ट्रायल कोर्ट ने दाती महाराज को जमानत दे दी थी। जस्टिस चंद्र शेखर ने 26 अगस्त को मामले की अगली सुनवाई के लिए मामले को सूचीबद्ध करते हुए धर्मगुरु और उसके तीन सहयोगियों को नोटिस जारी किया था।
9 जनवरी 2016 को फतेहपुर बेरी में अपने आश्रम में 25 वर्षीय महिला के साथ बलात्कार करने और पीड़िता के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के लिए सीबीआई की एफआईआर में दाती महाराज उर्फ दाती मदन लाल राजस्थानी, अशोक, अर्जुन और अनिल को नामजद किया गया है। दिल्ली पुलिस ने जून 2018 में दिल्ली की पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज करते हुए और बाद में दाती महाराज और अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।







