पंजाब के अमृतसर से पाकिस्तान के गुरुद्वारों के दर्शन करने गए पांच लोग कोरोना लॉकडाउन के चलते इस वक्त वहीं पर फंस गए हैं। वहां पर फंसे हुए लोगों में से एक सतबीर सिंह ने सरकार से अनुरोध किया है कि उन्हें जल्द निकाला जाए। सतबीर सिंह ने कहा, “मेरी तबियत गंभीर है और यहां की दवाई दुकानों पर वो दवा भी नहीं मिल रही है, जिसे डॉक्टर की तरफ से लेने को कहा गया है। मैं सरकार का अपील करता हूं कि वह जल्द से जल्द यहां से निकाल लें।”
सतबीर सिंह का बेटा कमलजीत सिंह ने अमृतसर में कहा, “मेरे पिता, मां और तीन अन्य लोग जो 10 मार्च को वहां के कई गुरुद्वारों में दर्शन करने के लिए गए थे वे सभी कोविड-19 लॉकडाउन के चलते वहां पर फंस गए हैं। मैं सरकार से अपील करता हूं कि वे उन्हें जितनी जल्द संभव हो पाए वापस लेकर आएं।”
My father, mother & three others went to Pakistan on March 10 to visit several gurudwaras there & got stranded due to imposition of COVID-19 induced lockdown. I urge the govt to bring them back as soon as possible: Kamaljit Singh, son of Satbir Singh in Amritsar https://t.co/uEjJN2ULvW pic.twitter.com/YczVfMpcmk
— ANI (@ANI) May 25, 2020
ये भी पढ़ें: गाजियाबाद प्रशासन ने सील किया दिल्ली बॉर्डर, सिर्फ पास वालों को एंट्री
पाकिस्तान से आये संदिग्ध कबूतर को जम्मू कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पकड़ा गया
जासूसी के लिये संदिग्ध रूप से पाकिस्तान में प्रशिक्षित किये गये एक कबूतर को जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पकड़ा गया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कबूतर कूट भाषा वाला एक संदेश लिये हुए था। पाकिस्तान से उसके इस ओर उड़ कर आने के शीघ्र बाद हीरानगर सेक्टर में मनयारी गांव के बाशिंदों ने पकड़ लिया।
अधिकारियों ने बताया कि संबद्ध सुरक्षा एजेंसियां कूट भाषा में लिखे गये इस संदेश को पढ़ने और समझने की कोशिश कर रहे हैं। कठुआ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र मिश्रा ने कहा, ”ग्रामीणों ने कबूतर को कल स्थानीय पुलिस थाना को सौंप दिया। उसकी बायीं टांग में एक अंगूठी पाई गई, जिसपर कुछ नंबर अंकित हैं और इसकी जांच की जा रही है।







