हाइलाइट्स:

  • डिपोर्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स ने तेज की सशस्त्र बलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया।
  • प्रयागराज में अक्‍टूबर माह में भारतीय वायु सेना के तहत नई एयर डिफेंस कमांड की जा सकती है स्थापित।
  • जनरल बिपिन रावत ने जनवरी में की थी नई एयर डिफेंस कमांड की घोषणा।

नई दिल्ली
चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर जारी गतिरोध के बीच रक्षा मंत्रालय बड़ा कदम उठाने जा रहा है। डिपोर्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स ने सशस्त्र बलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है, इसकी वजह प्रयागराज में अक्‍टूबर माह में भारतीय वायु सेना (IAF) के तहत नई एयर डिफेंस कमांड (Air defence Command) स्थापित की जा सकती है।

सूत्रों का कहना है कि, “वायु सेना अधिकारी के निर्देशन में कमांड की संरचना तैयार करने के लिए काम तेज कर दिया गया है। इस वर्ष 8 अक्टूबर को एयरफोर्स डे (Air Force Day) के आसपास प्रयागराज (Prayagraj) में एयर डिफेंस कमांड की स्‍थापना की घोषणा की जा सकती है।” सूत्रों का कहना है कि इसका नेतृत्व भारतीय वायुसेना के जनरल (एयर मार्शल) करेंगे।

जनवरी में की गई थी नई एयर डिफेंस कमांड की घोषणा
जनरल बिपिन रावत ने जनवरी में घोषणा की थी कि नई एयर डिफेंस कमांड तीनों सेवाओं के बीच एकीकरण के लिए लंबी अतिदेय प्रक्रिया के हिस्से के रूप में स्थापित होने वाली पहली नई संयुक्त कमान होगी।

भारत में अबतक केवल तो कमांड
भारत में अब तक केवल दो एकीकृत कमांड हैं, जबकि 17 एकल-सेवा कमांड (सेना 7, IAF 7 और नौसेना 3) के रूप में हैं। अक्टूबर 2001 में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पहला और एकमात्र “भौगोलिक” कमांड स्थापित किया गया था, जबकि देश के परमाणु शस्त्रागार को संभालने के लिए “कार्यात्मक” सामरिक बल कमान जनवरी 2003 में अस्तित्व में आया था।



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