वॉशिंगटन
अगले हफ्ते की शुरुआत धरती के करीब से ऐस्टरॉइड गुजरने के साथ ही होने वाली है। ऐस्टरॉइड 2012QL2 सोमवार को धरती से 42 लाख मील करीब से गुजरेगा। सुनने में भले ही काफी ज्यादा लगे लेकिन ब्रह्मांड के परिपेक्ष्य में यह दूरी ज्यादा नहीं है और अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA ने इसे Close approach क्लास में रखा है।

विशाल आकार, तेज गति
इस ऐस्टरॉइड का आकार भी काफी बड़ा है। यह 53-120 मीटर तक चौड़ा है। यह करीब दो फुटबॉल फील्ड या ब्रिटेन के मशहूर टूरिस्ट स्पॉट लंदन आई जितना विशाल हो सकता है। इसका आकार ही नहीं, जिस गति से यह पृथ्वि के पास से गुजरेगा वह भी अपने आप में हैरान करने वाली है। ऐस्टरॉइड 2012QL2 23,668 मील प्रतिघंटे की रफ्तार से गुजरेगा जो बुलेट की गति से भी 11.5 गुना ज्यादा है। हालांकि, बावजूद इसके इस ऐस्टरॉइड की पृथ्वि से टक्कर की संभावना बेहद कम है।

किसी ऐस्टरॉइड का कितना खतरा?
ध्यान देने वाली बात यह भी है कि अगर कोई ऐस्टरॉइड पृथ्वि से टकराता भी है तो पृथ्वि के वायुमंडल में दाखिल होने के साथ ही वह टूटकर जलने लगता है जिससे उसके कारण ज्यादा नुकसान की संभावना नहीं होता है। ऐसी ही आशंका वैज्ञानिकों ने ऐस्टरॉइड 2018VP1 के लिए जताई है जो अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव से एक दिन पहले धरती की ओर आने वाला है। इसका आकार एक कार जितना छोटा है।

22 ऐस्टरॉइड्स पर NASA की नजर
अगर किसी तेज रफ्तार स्पेस ऑब्जेक्ट के धरती से 46.5 लाख मील से करीब आने की संभावना होती है तो उसे स्पेस ऑर्गनाइजेशन्स खतरनाक मानते हैं। NASA का Sentry सिस्टम ऐसे खतरों पर पहले से ही नजर रखता है। इसमें आने वाले 100 सालों के लिए फिलहाल 22 ऐसे ऐस्टरॉइड्स हैं जिनके पृथ्वी से टकराने की थोड़ी सी भी संभावना है।

‘महासुनामी’ वाला सबसे खतरनाक ऐस्टरॉइड, टकराया तो आएगी प्रलय

सांकेतिक तस्वीर

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