घरेलू शेयर बाजार में अगस्त के दौरान कम से कम दस कंपनियों ने पहली बार बाजार में प्रवेश में किया। इनमें से आधी कंपनियों का प्रदर्शन फीका रहा। जानकारों के मुताबिक वर्ष 2020 के दौरान और इस साल के पहले आठ महीनों में आईपीओ के शानदार प्रदर्शन का भी अगस्त महीने में असर पड़ा। वहीं, अधिक आपूर्ति, गुणवत्ता में गिरावट और मूल्यांकन जैसे कारणों से ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई, जहां आने वाले निवेशों के लिए ज्यादा पैसा नहीं बचा।

45,000 करोड़ रुपए से अधिक जुटाए: चालू वित्त वर्ष में अब तक 20 से अधिक कंपनियों ने आईपीओ के माध्यम से 45,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जुटाई और आईपीओ बाजार में हाल में भी काफी हलचल बनी हुई है। ग्लेनमार्क लाइफ साइंसेज, रोलेक्स रिंग्स, एक्सारो टाइल्स, विंडलास बायोटेक, कृष्णा डायग्नोस्टिक्स, देवयानी इंटरनेशनल, कारट्रेड टेक, नुवोको विस्टास कॉर्पोरेशन, केमप्लास्ट सनमार और एपटस वैल्यू हाउसिंग फाइनेंस इंडिया जैसी कंपनियों ने अगस्त के दौरान बाजार में प्रवेश किया।

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क्या है वजह: जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि वर्ष 2020 और 2021 के दौरान आईपीओ के उत्साहपूर्ण प्रदर्शन ने नए आईपीओ की बाढ़ सी ला दी। ऐसे में गुणवत्ता में कमी आई है परिणामस्वरूप हाल के आईपीओ का प्रदर्शन कमजोर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘अगस्त के महीने में मध्यम और लघु पूंजी की उच्च अस्थिरता ने समान प्रकार के आईपीओ के प्रदर्शन को भी प्रभावित किया है।’’



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