हाइलाइट्स:

  • ब्रिटेन में एक बुजुर्ग महिला ने अपनी अब तक की 100 साल की जिंदगी बिना शादी के गुजारी है
  • इनका नाम वीरा बंटिंग हैं और उन्‍होंने ने मंगलवार को अपने जीवन के 100 साल पूरे किए
  • उन्होंने ये खास दिन अपने बेहद खूबसूरत घर में ही मनाया, जहां वह पिछले सौ साल से रही हैं

लंदन
सौ साल तक एक ही घर में रहना, वह भी बिना किसी जीवनसाथी के। ब्रिटेन में एक बुजुर्ग महिला ने अपनी अब तक की जिंदगी कुछ इसी तरह गुजारी है। इनका नाम वीरा बंटिंग हैं। वीरा ने मंगलवार को अपने जीवन के 100 साल पूरे किए। उन्होंने ये खास दिन अपने घर में मनाया, जहां वह पिछले सौ साल से रही हैं। इतनी बूढ़ी होने के बावजूद हम वीरा को ‘दादी मां’ भी नहीं कह सकते, क्योंकि वो आज तक अविवाहित हैं।

वीरा ने बताया कि 1921 में जब वह छह माह की थी, तब उनके माता-पिता उन्हें लेकर इस दो मंजिला घर में आए थे। उसके बाद से वीरा आज तक यहीं हैं। उनका ये घर इंग्लैंड के सबसे खूबसूरत जगहों में गिने जाने वाले लेक डिस्ट्रिक्ट में हैं। वीरा ने बताया कि उन्होंने ‘धरती की इस सबसे सुंदर जगह’ पर रहने के लिए अपनी शादी के लिए आए चार प्रस्तावों को इनकार कर दिया। वीरा अभी भी काफी फिट और फुर्तीली हैं। उनकी एक बड़ी बहन मैरी और एक छोटा भाई रॉबर्ट भी है। हालांकि दोनों के बाहर रहने के चलते वह अब इस घर में अकेले ही रहती हैं। उनकी भतीजियां और भतीजे उन्हें ‘आंटी वी’ कहकर बुलाते हैं।

‘मुझे शादी के लिए चार प्रपोजल मिले थे’
वीरा ने बताया, ‘द्वितीय विश्वयुद्ध खत्म होने के समय मुझे शादी के लिए चार प्रपोजल मिले थे, लेकिन मैं शादी नहीं करना चाहती थीं।’ उन्होंने बताया कि उन्हें यह घर इतना पंसद है कि उनके मन में कभी इसे छोड़कर जाने का ख्याल ही नहीं आया। वीरा ने बताया, ‘मुझे वॉकिंग पसंद है। मैं यहां आसपास के सभी पहाड़ों पर चढ़ चुकी हूं। मैं अभी भी अपने पैरों पर खड़ी होकर आराम से चल-फिर सकती हूं। मैंने वास्तव में अपने जिंदगी को खुलकर जिया है।’

रोज सुबह एक मेड आकर वीरा के लिए ब्रेकफास्ट तैयार कर जाती है। वीरा हर रोज सुबह अपने भतीजे-भतीजियों को कॉल करती हैं, जो कुछ दूरी पर ही रहते हैं। वीरा पेशे से एक ड्रेसमेकर थीं, जो अब रिटायर हो चुकी हैं। वीरा ने बताया, ‘बचपन से अब तक यहां मैंने काफी बदलाव देखे हैं। अभी तो यहां हर तरफ आपको घर दिखते हैं, लेकिन जब मैं छोटी थी, तब यहां चारों तरफ सिर्फ खेत और पेड़ हुआ करते थे। हम अपने दोस्तों के साथ खाली मैदानों में जाकर दिनभर खेला करते थे। वह काफी अच्छा समय था।’



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