गौतम अडानी की एक और कंपनी अडानी विल्मर लिमिटेड शेयर बाजार में लिस्टेड होने के लिए तैयार है। दरअसल, अडानी विल्मर के प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) लॉन्च करने की प्रक्रिया एक बार फिर से शुरू हो गई है। सूत्रों के मुताबिक अडानी विल्मर का आईपीओ कैलेंडर वर्ष के अंत से पहले लॉन्च हो सकता है। हालांकि, यह भी देखना अहम है कि बाजार नियामक सेबी से अंतिम मंजूरी कब मिलती है।
सेबी ने लगा दी थी रोक: आपको बता दें कि बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अडानी विल्मर के आईपीओ को होल्ड पर रख दिया था। दरअसल, किसी भी आईपीओ के लिए सेबी की टिप्पणी जरूरी है, लेकिन अडानी विल्मर के आईपीओ की स्थिति में सेबी ने टिप्पणी नहीं दी थी।
क्यों सेबी लगाता है रोक: सेबी आमतौर पर ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के लिए अपनी मंजूरी को रोक देता है। सेबी ये फैसला तब लेता है जब उसे अन्य नियामक निकायों से अधिक इनपुट की आवश्यकता होती है। इसके अलावा सेबी को कंपनी के जांच से जुड़ी जानकारी की जरूरत होती है तो इस परिस्थिति में भी सेबी की ओर से आईपीओ को होल्ड पर डाल दिया जाता है। हालांकि सेबी ने अडानी विल्मर की मंजूरी प्रक्रिया को रोकने का कारण नहीं बताया था। सूत्रों के मुताबिक यह अडानी समूह की अन्य फर्मों की जांच से जुड़ा है।
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आपको बता दें कि जुलाई महीने में, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद को बताया था कि प्रतिभूति नियामक और सीमा शुल्क प्राधिकरण नियमों का पालन न करने के लिए अडानी समूह की फर्मों की जांच कर रहे हैं। हालांकि, पंकज चौधरी ने विस्तार से इसकी जानकारी नहीं दी थी।







