अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे से गदगद पाकिस्तान की जुबां पर वह बातें आने लगी हैं, जिनसे दुनिया के सामने उसका असली चेहरा और मकसद उजागर हो रहा है। पड़ोसी मुल्क ने स्वीकार कर लिया है कि तालिबान के हाथ सत्ता लगने से वह इसलिए खुश है क्योंकि उसे लगता है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ कर सकेगा। पाकिस्तान के बड़बोले गृहमंत्री शेख राशिद ने तो पाकिस्तान की जीत और भारत की हार का भी दावा कर दिया है।

शेख राशिद ने बुधवार को कहा कि अफगानिस्तान में हुए घटनाक्रम और तालिबान के कब्जे से भारत की असहजा स्पष्ट है। तालिबान के संग आतंक फैलाने को बेताब पाकिस्तान के मंत्री ने यह भी कहा कि पूरी दुनिया ने देखा कि भारत ‘शोक’ में हैं। इस्लामाबाद में मीडिया से बात करते हुए राशिद ने कहा कि भारत अफगानिस्तान से अपने नागरिकों को निकाल रहा है और यह हार को दिखाता है। 

भारत को को अक्सर गीदड़ भभकी देने वाले शेख राशिद ने कहा कि अफगानिस्तान में भारत की ‘हार’ का क्रेडिट पाकिस्तान और इसकी संस्थाओं को जाता है। राशिद का इशारा ISI और पाकिस्तानी सेना की ओर है, जिसपर तालिबान की मदद के आरोप लग रहे हैं। अफगानिस्तान में लोकतांत्रिक सरकार और विदेशी सैनिकों की मौजूदगी से खुद को नुकसान की बात कहते हुए राशिद खान को तालिबानराज से शांति और समृद्धि की उम्मीद है। राशिद ने कहा, ”पाकिस्तान अफगानिस्तान में अव्यवस्था की कीमत सालों से चुका रहा है और शांति स्थापित करना चाहता था, क्योंकि अफगानिस्तान में शांति का मतलब है पाकिस्तान में शांति।” 

दरअसल, पाकिस्तान तालिबान के कब्जे को अपनी जीत इसलिए मानता है क्योंकि पिछले 20 सालों में अफगानिस्तान के विकास में भारत की बड़ी भूमिका थी। पाकिस्तान अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ नहीं कर पा रहा था। अब उसका मानना है कि वह तालिबानी राज में आतंकवाद को बढ़ावा देकर भारत के खिलाफ उनका इस्तेमाल कर पाएगा। हालांकि, पाकिस्तान को मैदान-ए-जंग के साथ ही छद्म युद्ध में भारत के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है।



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