लखनऊ

शहर में कोविड-19 की रोकथाम के लिए तमाम सावधानियां बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं। वहीं, मॉनसून की दस्तक के साथ डेंगू का खतरा भी बढ़ रहा है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू मरीज मिलने पर भी कंटेनमेंट जोन बनाकर घरों में ऐंटी लार्वा का छिड़काव करने का फैसला किया है।

पिछले साल राजधानी के कई इलाकों में डेंगू ने भीषण कहर बरपाया था। विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2400 लोग इसकी चपेट में आए थे। बरसात के दौरान मच्छर पनपने लगते हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना काल में डेंगू से भी मजबूती निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी है।

डिप्टी सीएमओ डॉ. केपी त्रिपाठी ने बताया कि कोरोना की तर्ज पर डेंगू मरीज मिलने पर कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा। जिस घर में डेंगू मरीज मिलेगा उस घर के आसपास के करीब 50 घरों में ऐंटी लार्वा का छिड़काव करवाया जाएगा, जिससे डेंगू का फैलाव न हो सके। साथ ही नगर निगम की रिपीट रेस्पॉन्स टीम स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ लोगो को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक करेगी।



सिविल अस्पताल में ऐंटीजन टेस्टिंग शुरू


सिविल अस्पताल में अब इलाज के लिए आ रहे गंभीर मरीजों को कोरोना की जांच रिपोर्ट के लिए 24 घंटे का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सिविल में गुरुवार से रैपिड ऐंटीजन टेस्टिंग शुरू हो गई है। अस्पताल के पैथॉलजी इंचार्ज डॉ. अजय त्रिपाठी ने बताया ऐंटीजन टेस्टिंग से 30 मिनट में ही मरीजों को रिपोर्ट मिल जाएगी।



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