त्रिपुरा पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस युवा अध्यक्ष सायोनी घोष को गिरफ्तार कर लिया है। घोष पर अपने एक ट्वीट में त्रिपुरा सीएम की सभा पर गलत बयानबाजी करने का आरोप है। कार में एक बैठक क्षेत्र को पार करने के दौरान सायोनी घोष ने त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देब की सभा का मजाक उड़ाया था।
टीएमी की युवा नेता सायोनी घोष को त्रिपुरा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनपर सोशल मीडिया में सीएम बिप्लव देब की सभा का मजाक उड़ाने का आरोप है। सायोनी घोष ने ट्वीट किया था कि त्रिपुरा की मुख्य पार्टी की सभा में 50 लोगों ने भाग लिया। इससे ज्यादा संख्याबल हमारे उम्मीदवारों की बैठकों में देखने को मिलता है। त्रिपुरा की जनता भाजपा के गुंडाराज को जल्द खत्म करेगी।
ত্রিপুরার “মুখ্য” মন্ত্রীর সভায় হাতে গুনে ৫০ জন লোক। এর থেকে বেশি আমাদের ক্যান্ডিডেটদের সভায় দেখা যাচ্ছে। ত্রিপুরার মা-মাটি-মানুষের সমর্থনে চোখে চোখ রেখে খেলা হবে ও বিজেপির গুন্ডারাজের অবসান ঘটবে।
পুনশ্চ: গাড়ি কিছুটা আঘাত প্রাপ্ত কিন্তু আমি, @aitcsudip, @ArpitaGhoshMP অক্ষত। pic.twitter.com/3ryJyFfXIf
— Saayoni Ghosh (@sayani06) November 20, 2021
वहीं, रविवार को अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने आरोप लगाया कि त्रिपुरा के अगरतला के एक पुलिस स्टेशन में सत्तारूढ़ भाजपा के कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं को पीटा। उन्होंने कहा कि थाने में राज्य पुलिस के सामने उन्हें लाठियों से पीटा गया। हालांकि भाजपा ने आरोपों से इनकार किया है.
टीएमसी के मुताबिक, त्रिपुरा पुलिस उस होटल में पहुंची, जहां पार्टी नेता सायोनी घोष ठहरी थीं और उन्हें पूछताछ के लिए थाने बुलाया। उन्होंने कथित तौर पर यह नहीं बताया कि पूछताछ किस मामले के बारे में थी।
इसके बाद सायोनी घोष और कुणाल घोष समेत टीएमसी के कुछ अन्य नेता अगरतला थाने पहुंचे। टीएमसी ने आरोप लगाया है कि कुछ मिनट बाद जब सायोनी घोष पूछताछ के लिए गई तो करीब 25 भाजपा कार्यकर्ता हेलमेट और लाठियां लिए हुए पहुंचे और थाने के अंदर टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमला करने लगे। उन्होंने बताया कि घटना में तृणमूल कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता घायल हो गए।
मौके पर मौजूद टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि त्रिपुरा में ‘जंगल राज’ है। उन्होंने कहा, “हमें पुलिस के सामने पीटा गया लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा। इसके विपरीत, हम पर ही मामला दर्ज किया जा रहा है और परेशान किया जा रहा है।”
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें एक व्यक्ति खून से सना है और उसके सामने पुलिसकर्मी हैं। उन्होंने लिखा, “बिप्लब देब इतने बेशर्म हो गए हैं कि अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश भी उन्हें परेशान नहीं करते हैं। उन्होंने बार-बार हमारे समर्थकों और हमारी महिला उम्मीदवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय उन पर हमला करने के लिए गुंडे भेजे हैं। भाजपा के राज में लोकतंत्र का मजाक उड़ाया जा रहा है।”
इस बीच, भाजपा त्रिपुरा के प्रवक्ता नरेंद्र भट्टाचार्य ने सभी आरोपों से इनकार किया। उन्होंने दावा किया कि आम जनता त्रिपुरा में टीएमसी नेताओं से बहुत नाराज है।







