आज के दौर में मोबाइल फोन ने हमारी ढेर सारी मुश्किलों को आसान बना दिया है। बैंकिंग सेक्टर में मोबाइल फोन के बढ़ते उपयोग इस ओर इशारा कर रहे हैं कि आने वाले सालों में बहुत से काम बिना बैंक गए ही हो जाएंगे। 7 अप्रैल को भारतीय रिजर्व बैंक मोबाइल वाॅलेट कंपनियों के कस्टमर को और सुविधाएं देने का ऐलान किया है। आज के समय में अब बैंक की वेबसाइट के जरिए ना सिर्फ कस्टमर अपना खाता आसानी से खोल पाते हैं साथ ही उसका संचालन भी कर लेते हैं। मोबाइल के बढ़ते क्रेज के कारण बैंक अपने मोबाइल एप को और भी यूजर्स फ्रेंडली बना रहे हैं। जिसका सीधा लाभ कस्टमर को हो रहा है।
डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 7 को अपने ऐलान में कहा कि अब किसी प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (पीपीई) से 2 लाख रुपये तक पैसे भेजे जा सकेंगे। इस ऐलान का सीधा फायदा बड़ी संख्या में उन ग्राहकों को होगा जो पेटीएम, फोन पे जैसे प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट का प्रयोग कर रहे हैं। पहले यह सीमा सिर्फ एक लाख रुपये तक ही थी।
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रिजर्व बैंक ने अपने प्रस्ताव में कहा कि अब RTGS या NEFT जैसी सुविधाएं भी प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट यूज करने वाले ग्राहकों को मिल सकता है। इसके लिए कंपनी को रजिस्ट्रेशन कराना होगा। आसान भाषा में कहे अगर आप पेटीएम के कस्टमर हैं और उन्होंने अपना रजिस्ट्रेशन करवा रखा है तो आप अपने मोबाइल वाॅलेट से ही आरटीजीएस कर पाएंगे। इसका साफ-साफ मतलब है कि आने वाले दिनों में आपका मोबाइल वाॅलेट भी एक बैंक बन जाएगा। जहां आप सभी काम कर पाएंगे, वह भी बिना बैंक गए। इससे ना सिर्फ कस्टमर को फायदा साथ ही बैंकों का भी भार हल्का होगा।







