कोरोना संक्रमण के इस दौर में दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने गुरुवार को कोविड-19 मरीजों को एक बड़ी राहत देते हुए निजी एम्बुलेंस चालकों द्वारा की जा रही लूट और मुनाफाखोरी पर लगाम लगाते हुए उनके लिए अब रेट तय कर दिए हैं।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि हमारे संज्ञान में आया है कि दिल्ली में निजी एम्बुलेंस सेवाएं नाजायज रूप से अधिक रुपये वसूल रही हैं। निजी एम्बुलेंस सेवाओं की इस व्यवस्था पर रोक लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने अधिकतम कीमतें तय की हैं, जो वो ले सकती हैं। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा कहा गया है कि CATS दिल्ली में एक एकल टोल फ्री नंबर 102 के माध्यम से 24X7 नि: शुल्क एम्बुलेंस सेवा प्रदान कर रही है। हालांकि, यह देखने में आया है कि COVID-19 महामारी के दौरान दिल्ली में निजी एम्बुलेंस चालक और सेवा प्रदाता मरीजों से अत्यधिक रुपये वसूल रहे हैं जो कि एक गंभीर चिंता का विषय है। इसलिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि पीटीए (निजी परिवहन एम्बुलेंस), बीएलएस (बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस) और एएलएस (एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस) के लिए अधिकतम दरें दिल्ली में निम्नानुसार रखी जाएंगी :-

एम्बुलेंस की श्रेणी अधिकतम रेट
पीटीए (निजी परिवहन एम्बुलेंस) 1500 रुपये प्रति कॉल 10 किलोमीटर तक, उसके बाद 100 रुपये प्रति किलोमीटर
बीएलएस (बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस) 2000 रुपये प्रति कॉल 10 किलोमीटर तक, उसके बाद 100 रुपये प्रति किलोमीटर
एएलएस (एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस)

4000 रुपये प्रति कॉल 10 किलोमीटर तक, उसके बाद 100 रुपये प्रति किलोमीटर

इन दरों में ऑक्सीजन, सभी एम्बुलेंस के उपकरण, पीपीई किट, दस्ताने, फेस शील्ड, सैनिटाइडर, ड्राइवर, ईएमटी, डॉक्टर आदि सभी तरह के खर्च शामिल होंगे।

गौरतलब है कि बीते दिनों दिल्ली की सरिता विहार थाना पुलिस ने एक एम्बुलेंस चालक को गिरफ्तार करते हुए उसकी एम्बुलेंस भी जब्त कर ली थी। पुलिस ने बताया था कि आरोपी एम्बुलेंस चालक ने कोरोना संक्रमित एक मरीज को अपोलो अस्पताल से महज 2 किलोमीटर दूर होली फैमिली अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए 8,500 रुपये की मांग थे। मरीज के परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस से कर दी थी।

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इससे पहले लूट का ऐसा ही एक मामला कुछ दिन पहले नोएडा में भी सामने आया था, जहां एक एम्बुलेंस वाले ने 25 किलोमीटर जाने के लिए मरीज के परिजनों से 42 हजार रुपये ले लिए थे। मरीज के परिजनों ने इस मामले की शिकायत सोशल मीडिया पर नोएडा पुलिस से कर दी थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने उस एम्बुलेंस वाले को पकड़ लिया था तो उसने अपनी गलती मान ली थी और वो मरीज से लिए गए अतिरिक्त पैसों को लौटने को राजी हो गया था। 

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