मुंबई
कोरोना के इस दौर में ज्यादातर लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। माहिम के एक ठग ने भी ऐसा किया। अक्षय रहाणकर नामक इस आरोपी को सीआईयू के प्रभारी इंस्पेक्टर सचिन वझे ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि वह ठगी से रोजाना सात से दस लाख रुपये तक कमा रहा था।

फर्जी कंपनी जमा कराता था रुपये

सीआईयू की जांच में यह बात सामने आई कि उसने अमेरिका में एक शेल कंपनी बनाई थी। वह जिन अमेरिकियों को ठगता था, उनसे उस कंपनी के अकाउंट में रकम ट्रांसफर करने को कहता था। उस अकाउंट का एक्सेस माहिम में उसके पास था। अमेरिकी वहां रकम ट्रांसफर करते थे, आरोपी मुंबई में रकम निकाल लेता था।

ऐसे कमाता था इतने रुपये
अक्षय रहाणकर का नाम उन आधा दर्जन आरोपियों से पूछताछ में सामने आया था, जिन्हें पिछले सप्ताह क्राइम ब्रांच ने फर्जी कॉल सेंटर चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारी भारत में बैठकर अमेरिकी लोगों को वयाग्रा जैसी सेक्स गोलियां भेजने से लेकर गूगल सर्विस देने का वादा करते थे और उनसे अडवांस में रकम लेकर विदेशियों को कोई भी सर्विस नहीं देते थे। जांच में यह बात भी सामने आई कि रहाणकर पिछले पांच साल से ठगी के इस धंधे से जुड़ा हुआ था।



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