खुदकुशी के लिए उकसाने मामले (2018) में रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी और दो अन्य लोगों के खिलाफ दायर आरोप पत्र में कई खुलासे किए गए हैं। आरोप पत्र के मुताबिक आरोपियों ने पीड़ित अन्वय नाइक की उन धमकियों पर तीनों ने कोई ध्यान नहीं दिया कि बकाए का भुगतान नहीं करने पर वह खुदकुशी कर लेगा।

आरोप पत्र के मुताबिक, बकाए का भुगतान नहीं किए जाने से मानसिक तनाव में चल रहे नाइक ने पहले अपनी मां कुमुद का गला घोंटा, जो कारोबार में उसकी साझेदार थीं और फिर खुद फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शुक्रवार को निकटवर्ती रायगढ़ जिले में अलीबाग की एक अदालत में आरोप-पत्र पेश किया। इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उसकी मां को कथित तौर पर खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला रायगढ़ में ही चल रहा है। गोस्वामी के अलावा, दो अन्य आरोपियों फिरोज शेख और नीतीश शारदा के नाम भी आरोप-पत्र में हैं।

आरोप पत्र के मुताबिक, पीड़ित (नाइक) ने आरोपियों से कहा था कि अगर वे उसके बकाए का भुगतान नहीं करेंगे तो वह खुदकुशी कर लेगा। लेकिन, आरोपियों ने धमकी की अनदेखी की और उससे कहा कि वह जो चाहता है, वह करे। नाइक ने खुदकुशी से पहले एक पत्र लिखा और बाद में फांसी लगा ली। पुलिस ने कहा कि उन्होंने कथित सुसाइड नोट पर मृत्युपूर्व बयान के तौर पर भरोसा किया है।

तीनों को 83 लाख, चार करोड़ और 55 लाख रुपये का भुगतान करना था
पुलिस ने कहा कि पत्र की लिखावट नाइक की लिखावट से मिल रही थी और फॉरेंसिक रिपोर्ट से यह संकेत मिलता है कि वह इसे लिखते वक्त दबाव में नहीं था। पुलिस ने पूर्व में कहा था कि कॉनकोर्ड डिजाइन प्राइवेट लिमिटेड के मालिक नाइक ने अपने सुसाइड नोट में दावा किया था कि वह गोस्वामी, फिरोज शेख और नीतीश शारदा से बकाए की रकम नहीं मिलने की वजह से अपनी जिंदगी खत्म कर रहा है। पुलिस ने कहा कि नोट की मुताबिक तीनों को नाइक को क्रमश: 83 लाख, चार करोड़ और 55 लाख रुपये का भुगतान करना था। अदालत में आरोप पत्र पर 16 दिसंबर को सुनवाई होगी।



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