अलीगढ़ का नाम बदलने को लेकर एक बार फिर से राजनीति शुरू हो गई है। सोमवार नवगठित जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में अलीगढ़ का नाम बदलकर हरिगढ़ किए जाने के प्रस्ताव को पास किया गया। सदन में मौजूद जिला पंचायत सदस्यों व जनप्रतिनिधियों ने इस पर अपनी सहमति जताई। अब प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
नवगठित जिला पंचायत की दूसरी बोर्ड बैठक सोमवार को जिला पंचायत परिसर के गोविंद वल्लभ पंत सभागार के किसान भवन में हुई। अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह ने सभी सदस्यों, ब्लाक प्रमुख, विधायकों से उनके सुझाव मांगे। उन्होंने कहा कि वह यथासंभव विकास कार्यों में सबका साथ सबका विकास के एजेंडे पर काम करेंगी। सदस्य केहरी सिंह और उमेश यादव ने अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ करने का प्रस्ताव दिया। इसके अलावा अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा था।
सभी सदस्यों की सहमति पर सदन ने प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके अलावा जिला पंचायत सदस्यों ने धनीपुर मिनी एयरपोर्ट का नाम पूर्व सीएम कल्याण सिंह के नाम पर रखे जाने, स्व. राजा बलवंत सिंह के नाम से द्वार बनवाने, एक नई चीनी मिल की स्थापना कराए जाने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगी। इस दौरान बरौली विधायक दलवीर सिंह, इगलास विधायक राजकुमार सहयोगी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर चौधरी, भाजपा ब्रजक्षेत्र उपाध्यक्ष श्यौराज सिंह, प्रवीण राज सिंह, ब्लॉक प्रमुख राहुल सिंह, हरेन्द्र सिंह आदि मौजूद थे।
विभाग के आला अधिकारी ही शामिल हों
पूर्व जिपं अध्यक्ष सुधीर चौधरी ने कहा कि बोर्ड बैठक में विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी ही प्रतिभाग करें, जिससे सवाल जवाब होने पर सटीक जानकारी मिल सके। ऐसा नहीं होने पर सदन की ओर से कार्यवाही की सिफारिश की जाए। उन्होंने कहा कि विभागों में आने वाले जिला पंचायत सदस्यों का सम्मान किया जाए। उन्हें पेयजल और चाय की पेशकश करते हुए कुर्सी दी जाए। उनकी बात सुनी जाए। ऐसा नहीं होने पर संबंधित विभाग से इसका कारण पूछा जाएगा।
ब्लॉक प्रमुख बोले, भ्रष्टाचार की पोल खुल जाएगी
बोर्ड बैठक में पहली बार जनता का मुद्दा उठाते हुए ब्लॉक प्रमुख अकराबाद राहुल सिंह अधिकारियों पर गर्म हो गए। उन्होंने कहा कि नानऊ प्राथमिक स्कूल और बीआसी का भवन जीटी रोड हाईवे से काफी नीचा हो गया है। इसका निर्माण ऊंचा न कराते हुए और नीचा बनाया जा रहा है। उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर निर्माण में धांधली करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने तेहरामोड़ भिलावली गोपी के 15 किमी रोड की दुर्दशा का भी मुद्दा उठाते हुए कहा कि रोड पर चलना दूभर हो गया है। इस पर अध्यक्ष की ओर से जल्द ही कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया गया।
अध्यक्ष सदन की पार्टी विशेष की नहीं
जिला पंचायत वार्ड-12 के सदस्य एवं बसपा नेता फारुख अहमद ने सदन में भाजपा की वाहवाही करने पर एतराज जताया। उन्होंने कहा कि चुनाव हो चुका है, अब जिला पंचायत अध्यक्ष पूरे बोर्ड व सदन की अध्यक्ष हैं। इसलिए इस कुर्सी को पार्टी विशेष से न जोड़कर सदन की गरिमा के अनुसार रखा जाए। कुछ सदस्यों और ब्लाक प्रमुखों को इसकी शिकायत रही कि उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया।
तीन मिनट में सात प्रस्तावों पर लग गई मुहर
जिला पंचायत की अहम बोर्ड बैठक के सात प्रस्तावों पर मात्र तीन मिनट में ही मुहर लग गई। सदन में किसी भी सदस्य ने प्रस्तावों को लेकर सहमति देने में कोई आपत्ति नहीं जताई।
यह प्रस्ताव हुए पास
– आकस्मिक व्यय नियमावली के तहत पांच हजार रुपये तक के व्यय की स्वीकृति का अधिकार जिला पंचायत अध्यक्ष को दिया गया।
– विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत निर्माण नियमावली 1984 के नियम 26 के तहत 10 हजार से अधिक लागत तक के निर्माण कार्य के ठेके स्वीकृत करने का अधिकार जिला पंचायत अध्यक्ष को दिया गया।
– राज्य वित्त आयोग एवं पंद्रहवें वित्त के अंतर्गत अवशेष धनराशि एवं वर्ष 2021-22 में प्राप्त होने वाली धनराशि से कराए जाने वाले कार्यों के अनुमोदन पर विचार हुआ।
– वित्तीय वर्ष 2019-20 और 2020-21 के लिए जिला पंचायत के सम्पत्ति एवं कर निर्धारण पर विचार कराने का प्रस्ताव पास हुआ।







