असम में विधानसभा का चुनाव समाप्त हो चुका है। इस बीच असम विधानसभा चुनाव के लिए AIUDF की ओर से उम्मीदवार रहे कई नेताओं को जयपुर शिफ्ट करने की खबर सामने आई है। विधानसभा चुनावों के बाद होने वाले विधायकों के संभावित खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए, असम के राजनीतिक दल अखिल भारतीय यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) ने शुक्रवार को असम विधानसभा चुनावों के अपने कई उम्मीदवारों को एक स्पेशल विमान के जरिए कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान भेज दिया है।
समातार एजेंसी एएनआई ने काग्रेंस सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि असम विधानसभा चुनाव में AIUDF के कई उम्मीदवार आज जयपुर शिफ्ट कर दिए गए हैं। वहीं, कुछ और कांग्रेस उम्मीदवारों को भी जल्द ही जयपुर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इन विधायकों की व्यवस्था फेयरमाउंट होटल में की गई है। यह एक एहतियाती कदम है, जो महाजोत गठबंधन द्वारा उठाया गया है।
Several AIUDF candidates for Assam Assembly polls shifted to Jaipur today. A few more Congress candidates will also be shifted to Jaipur shortly, arrangements made at Fairmount Hotel. It’s a precautionary measure taken up by the Mahajot alliance: Congress sources
— ANI (@ANI) April 9, 2021
इसके अलावा AIUDF के उम्मीदवारों में से एक ने कहा, “हम सभी लोग राजस्थान पहुंच गए हैं। यहां राजस्थान के मुख्यमंत्री (अशोक गहलोत) ने हमारे ठहरने की व्यवस्था कर दी है।”
उम्मीदवार ने यह भी बताया कि AIUDF प्रमुख मौलाना बदरुद्दीन अजमल इस टीम के साथ नहीं थे। फिलहाल वह मुंबई में हैं। आपको बता दें कि हाल ही में 6 अप्रैल को असम में तीसरे और आखिरी चरण का मतदान सम्पन्न हुआ है और आने वाले दो-मई को विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित किए जाएंगे।
हालांकि सामाचार वेबसाइट द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, अटकलें यह भी हैं कि 20 AIUDF उम्मीदवारों को राजस्थान से दुबई भी ले जाया जा सकता है। वहीं AIUDF के सूत्र यह नहीं बता सके कि ये उम्मीदवार अब वापस असम कब तक लौटेंगे।
AIUDF असम की 10-पार्टी और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष के महागठबंधन का एक घटक है। राज्य में भाजपा को सत्ता से बाहर करने के उद्देश्य से हाल ही में दो महीने पहले ही इसका गठन किया गया था। AIUDF के सूत्रों ने बताया कि उम्मीदवार इस दौरान अजमेर शरीफ भी जाएंगे, साथ ही उन्हें अलग-अलग मोबाइल फोन मुहैया कराए जाएंगे ताकि दूसरे उनसे संपर्क न कर सकें।
पिछले अनुभवों को देखते हुए AIUDF इस बार विधायकों के पास पार्टी अदला-बदली की कोई संभावना नहीं छोड़ना चाहती है। पिछले मणिपुर चुनावों में, कांग्रेस ने 60 सीटों में से 28 सीटें हासिल की थीं और भाजपा ने 22 सीटें जीती थीं, लेकिन भाजपा सरकार बनाने के लिए कुछ विधायकों को अपने पाले में करने में सफल हो गई थी।







