अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर करने को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के बीच, गुजरात सरकार ने एक स्पष्टीकरण जारी किया है। गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का नाम कभी भी स्टेडियम से नहीं जुड़ा था।

पीआईबी द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो के मुताबिक नितिन पटेल ने कहा, “यह स्टेडियम गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (GCA) के स्वामित्व में है और इसे हमेशा मोटेरा स्टेडियम के रूप में जाना जाता था। इसलिए अब इसका नाम बदलने का कोई सवाल ही नहीं है। वह नरेंद्र मोदी ही थे, जिन्होंने सबसे पहले पुराने स्टेडियम की जगह पर नए स्टेडियम को बनाने का विचार सामने रखा, जब वो गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष थे।”

उन्होंने आगे कहा कि मोटेरा में नरेंद्र मोदी स्टेडियम, जिसका उद्घाटन राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा किया गया है, एक बड़े परिसर का हिस्सा है, जिसका नाम ‘सरदार पटेल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स’ है।

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के कुछ नेताओं द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और रविशंकर प्रसाद ने भी कहा था कि केवल मोटेरा स्टेडियम का नाम पीएम मोदी के नाम पर रखा गया है और जिस परिसर में यह स्थित है, वह अभी भी सरदार पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव में है।

कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए, प्रसाद जो एक कैबिनेट बैठक में भाग लेने के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे, उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने कभी गुजरात के केवडिया में सरदार पटेल की विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति की प्रशंसा या दौरा नहीं किया है?

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उन्होंने कहा, “क्या सोनिया गांधी या राहुल गांधी ने कभी केवाडिया में सरदार वल्लभभाई पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा की प्रशंसा की है? क्या उन्होंने इसका दौरा किया है? और क्या कहा जा सकता है?” 

जावड़ेकर ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि इस मुद्दे पर बड़ी-बड़ी बात करने वालों ने कभी सरदार पटेल का सम्मान नहीं किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, “स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का नाम सरदार पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव है। कॉम्प्लेक्स के भीतर केवल क्रिकेट स्टेडियम का नाम नरेंद्र मोदी के नाम पर रखा गया है। विडंबना यह है कि एक परिवार, जिसने कभी भी सरदार पटेल का सम्मान नहीं किया, उनकी मृत्यु के बाद भी वही कर रही है।”

कांग्रेस के एक नेता राजीव सातव ने कहा कि नाम बदलना निरंकुश तानाशाही का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा, “मोटेरा क्रिकेट स्टेडियम का नाम सरदार पटेल से नरेंद्र मोदी के नाम में बदलना एक पूर्ण अपमान है। इससे पता चलता है कि हमारे पीएम कितने संकीर्ण हो गए हैं। यह अपमानजनक और निरंकुश तानाशाही का स्पष्ट संकेत है।”



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